Thursday , November 15 2018
Loading...
Breaking News

आतंकी बनने गया युवक, बना बड़ा गायक

एक कश्मीरी लोकगीत ‘हो गुलो’ आजकल कश्मीर घाटी में युवाओं की जुबान पर चढ़ा हुआ है इस गाने को कश्मीर में सीमा के दोनों तरफ के लोग पसंद कर रहे हैं इस गाने को अनंतनाग के मोहम्मद अल्ताफ मीर ने गाया है मीर वैसे तो आतंकवादी बनने गए थे लेकिन कोक स्टूडिया पाक की ओर से उनका गाना जारी किए जाने के बाद वे एक लोकप्रिय गायक बन गए उनके गाने को सिर्फ दो दिन 1,50,000 से ज्यादा लोग देख चुके हैं ‘हो गुलो’ गाना प्रसिद्ध कश्मीरी कवि, स्वर्गीय अधीन अहमद मेहजूर के एक पुराने क्लासिक्स में से है

28 वर्ष मीर पहले गए थे आतंकवादी बनने
कश्मीर के अनंतनाग इलाके के रहने वाले मोहम्मद अल्ताफ 28 वर्ष पहले, 1990 में आतंकवादीबनने के लिए अपना घर छोड़ कर पाक के कब्जे वाले कश्मीर चले गए थे वे अपने साथ कई युवाओं को भी ले गए थे लम्बे समय तक घर से कोई संपर्क न होने के चलते उनके परिजनों ने मान लिया था कि उनकी मौत हो चुकी है इसी बीच कोक स्टूडियो पाक की ओर से उनका गाना जारी किए जाने के बाद उनके जीवित होने की बात सामने आयी

Loading...

2017 में ज़िंदगी में आया बदलाव
कोक स्टूडियो टीम पाक की ओर से 2017 में राष्ट्र में प्रतिभाओं की तलाश की जा रही थी इसी बीच मीर का बैंड कश्मीर कोक स्टूडियो के 2018 संस्करण के लिए चुन लिया गया कुल सात बैंड चुने गए थे जिनमें मीर का बैंड भी शामिल था मीर के सुर्खियों में आने के बाद पता चला कि वे कई सालों तक रेडियो पाक से जुड़े रहे

loading...

घर वापस आने के लिए परिवार लगा रहा गुहार
अल्ताफ मीर का गाना लोकप्रिय होने से परिजनों को भी पता चला कि वो जिन्दा है ऐसे में परिजन उसे घर वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं उन्होंने कई माध्यमों से मीर से गुहार लगाई है कि वो घर वापस लौट आएं मीर की मां जना बेगम कहती हैं कि उसके जिन्दा होने से हमें बेहद खुशी है उन्होंने बोला कि 28 वर्ष पहले समाचार आई थी कि वह आतंकवादी बन गया पर अब इस बात का संतोष है कि वो अच्छा कार्य कर रहा है ऐसा कैसे हुआ यह नहीं पता पर जैसे भी उसके लिए भगवान का शुक्रिया उन्होंने बोला कि उम्मीद है कि बेटा जल्द ही घर लौट आएगा

ऐसे शुरु हुआ मीर का सफर
मोहम्मद अल्ताफ मीर की ओर से हाल ही में मुज्जफराबाद में दिए गए एक वीडियो साक्षात्कार में मीर बताते हैं, उन्होंने कई दस्तों के साथ आतंकवादी बनने के लिए बॉर्डर पार किया था हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने के कुछ दिन बाद वह घर लौट आए थे इसके बाद वो दिन में बस कंडक्टरी करते थे  शाम को कपड़ों पर चेन की सिलाई किया करते थे उन्होंने सूफियाना महफिलों में गाना प्रारम्भ कर दिया वो महफिलों में डफली भी बजाते थे उन्होंने पीर राशिम से संगीत की तालीम लीएक दोस्त की विवाह में उनके गाने को रेडियो मुजफ्फराबाद में कार्य करने वाले एक आदमी ने सुनाउसने इन्हें रेडियो के डायरेक्टर से मिलवाया वॉयस टेस्ट के बाद उन्होंने इन्हें कार्य दे दिया इस तरह मीर के संगीत की आरंभ हुई उन्होंने रेडियो पर हर हफ्ते पांच शो करना प्रारम्भ कर दियाअल्ताफ मीर बताते हैं कोक स्टूडियो नए टैलेंट की तलाश कर रहा था तभी एक महिला ने उनका नाम सुझाया इस वर्ष अप्रैल में कोक स्टूडियो के प्रोड्यूसरों ने अल्ताफ से मुलाकात की  उन्हें कार्यदिया

Loading...
loading...