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पतंजलि ने नहीं किया ‘बोलो’ मैसेंजर एप्प को लांच

योग गुरू बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद ने बयान जारी करके बोला है कि बोलो मैसेंजर एप्प उनका नहीं है. इस तरह की खबरें आ रही हैं कि पतंजलि ने किम्भो की स्थान बोलो नाम से एक मैसेंजर एप्प को लांच कर दिया है.

बोलो है स्वदेशी एप्प
बोलो एक स्वदेशी एप्प है, जिसे अदिति कमल ने लांच किया है. फिल्हाल एप्प केवल गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. कमल ने बोला कि यह एप्प फेसबुक  व्हाट्सएप के बजाय पूरी तरह से देशी है, क्योंकि इसे हिंदुस्तानियों ने हिंदुस्तान में रहने वालों के लिए तैयार किया गया है.

बोलो एप्प में यह हैं फीचर्स
एप के विशेषता की बात करें तो इसके जरिए व्हाट्सएप की तरह वीडियो कॉलिंग की जा सकेगी.इसके अतिरिक्त इस एप के यूजर्स रियल टाइम में टेक्स्ट, मैसेज, वीडियो, फोटो  ऑडियो क्लिप दोस्तों के साथ शेयर कर सकेंगे. इस एप में लोकेशन शेयरिंग का भी फीचर है. एप को लेकर दावा किया गया है कि यह एप पूरी तरह से सुरक्षित है  इसमें एडवरटाईजमेंट नहीं दिखेंगे.

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प्रवक्ता ने किया खंडन

पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने ट्विट करके बोला कि कंपनी जल्द ही किम्भो का अपडेटेड वर्जन लांच करेगी, जिसमें सभी विसंगतियों को दूर किया जाएगा. हालांकि किम्भो  बोलो एप्प को बनाने वाली डेवलपर एक ही कंपनी है, जिससे लोगों में यह भ्रांति फैली है कि यह पतंजलि का ही एप्प है.

सिक्योरिटी को लेकर उठे सवाल
फ्रांस के सिक्योरिटी रिसर्चर इलियट ऐल्डर्सन ने ट्वीट करके किम्भो एप की सिक्योरिटी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने यहां तक दावा किया कि वे सभी यूजर्स के मैसेज को सरलता से पढ़ सकते हैं.

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