Saturday , September 22 2018
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झुमरी तिलैया में पहली बार हुआ जैन संतों का संगम, जैन संतों का जैन समाज के लोगों ने किया भव्य स्वागत


झुमरी तिलैया/ जैन मुनि आचार्य श्री 108 बिराग सागरजी महाराज का झुमरी तिलैया में मंगल प्रवेश शुक्रवार को सुबह 7 बजे वर्षा की रिमझिम फुवार के साथ हुआ। कोडरमा सर्किट हाउस से आचार्य संघ के साथ सैकड़ो भक्त साथ मे नंगे पांव पैदल चल रहे थे। साध्वी के साथ महिला, वार्ड प्रसाद पिंकी जैन सभी साथ मे चल रही थीं। झुमरी तिलैया के महाराणा प्रताप चौक से जैन मुनियों की अगवानी को पूरा जैन समाज की। लोगों ने गाजे बाजे के साथ उनका स्वागत किया। चांडक काम्प्लेक्स के पास आचार्य विराग सागर जी महाराज ओर कोडरमा में बिराजमान आचार्य शीतल सागरजी महाराज का मिलन हुआ। दोनों ने गले मिलकर गुरु भक्ति को दर्शाया। आचार्य श्री ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। अग्रवाल समाज और मारवाड़ी समाज के लोगो ने भी गुरु का आशीर्वाद लिया। महिलाएं पीले बस्त्र और पुरुष सफेद बस्त्र में जुलुस की शोभा बढ़ा रहे थे। झंडा चौक पर शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव, नगर पर्षद अध्यक्ष प्रकाश राम और वार्ड पार्षद पिंकी जैन ने आचार्य विराग सागरजी महाराज का अभिनंदन किया। इस मौके पर जैन स्कूल के बच्चे बैंड बाजे के साथ आगे-आगे चल रहे थे। जुलूस पानी टंकी रोड जैन मंदिर गया। दिन में 2 बजे गुरु की धर्म सभा हुई। कार्यक्रम के सयोंजक सुरेश झांझरी थे। पार्षद पिंकी जैन ने कहा कि आचार्य गुरु विराग सागरजी महाराज इस युग के धरती के भगवान है। उन्होंने कहा कि विराग सागरजी के पैर की हड्डी टूटी हुई है फिर भी बिना इलाज के ये गुरु 3000 किलो मीटर पैदल चल कर आ रहे है। यह चमत्कार ही है। विरागसगर जी के संघ में 350 शिष्य है: एक लाख किलो मीटर अभी तक पैदल चल चुके विराग सागर जी महाराज के संघ में 350 शिष्य हैं। उन्होंने अब तक दिल्ली के लाल किला से 25 मुनि को दीक्षा संस्कार दे चुके है। इन्हें पीएचडी की डिग्री भी मिली है। पूरे हिंदुस्तान में जैन मुनि का इतना बड़ा संघ नहीं है। धर्म सभा मंच का संचालन राज छाबरा ने किया। नवीन पांड्या ने भजन गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मौके पर सुबोध गंगवाल, विमलजी बडज़ात्या, सुशील छाबड़ा, मुन्ना बाकलीवाल, हनुमान पाटनी, सुरेंद्र काला, प्रदीप पांड्या, पप्पू छाबड़ा, जय कुमार गंगवाल, सुशील छाबड़ा, ललित सेठी, संदीप सेठी, टुनु छाबड़ा, सरोज पापरिवाल, पदम सेठी, हनुमान पाटनी, आशा गंगवाल, नीलम सेठी, मोना सेठी, प्रेम झांझरी, ममता सेठी, त्रिशला गंगवाल के अलावा कई लोग मौजूद थे।

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