Tuesday , September 25 2018
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पाक में सिख पुलिस अधिकारी के साथ बदसलूकी

पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी गुलाब सिंह के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है गुलाब सिंह का आरोप है कि उन्हें लाहौर स्थित उनके घर से जबरन बाहर निकाला गया, उनकी पगड़ी खींची गई, परिवार को धक्के देकर घर से बाहर कर घर पर ताला लगा दिया हैगुलाब सिंह ने अपने साथ हुई नाइंसाफी का वीडियो जारी कर पाक में सिखों के साथ हो रहे अत्याचार का सबूत पेश किया गुलाब सिंह का कहना है कि वह सन 1947 से लाहौर के डेरा चहल इलाके में रह रहे हैं

गुलाब सिंह ने वीडियो में कहा, ‘मैं गुलाब सिंह ट्रैफिक वॉर्डन, मैं पाक का पहला सिख पुलिस अधिकारीहूं  मेरा साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया  मेरे घर में ताले लगा दिए गए तारिक वजीर जोकि अडिशनल सेक्रटरी है  तारा सिंह जोकि पाक गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का भूतपूर्व मुख्य है, उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह कार्य किया है न्यायालय में मेरे केस भी चल रहे हैं इस पूरे गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है  मेरा घर खाली करवाया गया आप देख सकते हैं मेरे सिर पर पगड़ी भी नहीं है वे मेरी पगड़ी भी छीनकर ले गए  उन्होंने मेरे केश भी खींचे हैं ‘

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गुलाब सिंह ने कहा, ‘मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि मेरी ज्यादा से ज्यादा मदद करें  इस वीडियो को भी शेयर करें  पूरी संसार को यह बताएं कि पाक में सिखों के साथ क्या जुल्म  ज्यादती हो रही है ‘

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इसके अतिरिक्त एक  वीडियो भी गुलाब सिंह ने शेयर किया है जिसमें वह अपने परिवार के साथ अपने घर के बाहर खड़े हैं  लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं इस वीडियो गुलाब सिंह के साथ उनकी पत्नी  उनके तीन बच्चे भी दिख रहे हैं वीडियो गुलाब सिहं यह कहते दिख रहे है, ‘ये मेरा परिवार है जो कि मेरे साथ खड़ा हमें घर से बाहर निकाल दिया है, उन लोगों ने मेरे बाल खींचे, मेरे बाल भी खुले हैं उन्होंने मेरी पगड़ी गिरा दी, मेरे साथ बहुत ज्यादती की मैं सिख संगत से बिनती करता हूं मेरे केस (बालों) की बेदअदबी को लेकर गवर्नमेंट से सवाल किए जाएं कि ऐसा क्यों हुआ? अगर मेरा घर खाली करवाना था तो मुझे नोटिस दिया जाता ‘

आपको बता दें कि इससे पहले भी पाक में सिखों के साथ बदसलूकी की खबरें आई हैं इसी वर्ष अप्रैल की एक समाचार के मुताबिक पाक में एक स्वतंत्र निगरानी समूह की रिपोर्ट में अल्पसंख्यकों पर जुल्म के मुद्दे से निटपने में विफल रहने को लेकर पाकिस्तान गवर्नमेंट की आलोचना भी की गई थीपाक मानवाधिकार आयोग ने ‘स्टेट ऑफ ह्यूमन राइट्स इन 2017’ की वार्षिक रिपोर्ट को जारी करने के मौके पर बोला कि पाक में लोगों का गायब होना जारी है कई बार वे इसलिए लापता हो जाते हैं कि राष्ट्र की ताकतवर सेना की आलोचना करते हैं या कुछ बार वह पड़ोसी हिंदुस्तान के साथ बेहतर ताल्लुकात की पैरवी करते हैं

इसमें बोला गया था कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की आबादी कम हो रही है पाक की स्वतंत्रता के वक्त राष्ट्र में अल्पसंख्यकों की आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा थी 1998 की जनगणना के मुताबिक यह संख्या घटकर अब तीन फीसदी से थोड़ी ज्यादा है रिपोर्ट में बोला गया था कि अगर हिन्दुओं के साथ भेदभाव जारी रहा तो हिंदुस्तान में उनका प्रवास जल्द पलायन में बदल सकता है मजहब के नाम पर पंथ आधारित हिंसा जारी है  गवर्नमेंट हमलों  भेदभावों से अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने में विफल रही है चरमपंथी पाक के लिए विशिष्ट इस्लामिक पहचान बनाने पर अमादा हैं  ऐसा लगता है उन्हें पूरी छूट दी गई है पाक में हिन्दुओं की आबादी करीब 70 लाख है  यह पाक का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है

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