Saturday , July 21 2018
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6 अध्यादेश गवर्नमेंट की प्राथमिकता

18 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र प्रारम्भ हो रहा है  ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ये हंगामों की भेंट चढ़ने के बजाय कार्य करने में उपयोग किया जाये इस सत्र कि सबसे बड़ी चुनौती है कुछ विधेयक जो पिछले सत्र में सिर्फ हंगामों के चलते पारित नहीं किये जा सके सत्र 18 दिन का होगा  50 से ज्यादा विधेयक के साथ 6 अध्यादेश इसकी प्राथमिकता है संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने सत्र की तारीखों का ऐलान करते वक्त बोला कि सत्र के दौरान गवर्नमेंट तीन तलाक  अन्य पिछड़े वर्गों के लिए राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित समेत विधेयकों को लाने पर जोर दे सकती है

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उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान लोकसभा में 68  राज्यसभा में 40 बिल लंबित हैं 6 अध्यादेश जो गवर्नमेंट की प्राथमिकता रहेंगे-
1. भगोड़ा आपराधिक अध्यादेश 2018
इस कानून के तहत क्राइम कर राष्ट्र से भागे व्यक्तियों की संपत्ति उन पर मुकदमे का फैसला आए बिना जब्त करने  उसे बेच कर कर्ज देने वालों का पैसा वापस करने का प्रावधान है
2. वाणिज्यिक न्यायालय से जुड़ा अध्यादेश
केंद्र गवर्नमेंट कारोबारी सुगमता के लिए रैंकिंग  अधिक सुधार की प्रयास के तहत व्यावसायिक विवादों को तेजी से निपटाने के लिए मई माह में कानून में संशोधन के लिये एक अध्यादेश लेकर आयी थी इसे अभी राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी बाकी है
3. आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2018
कैबिनेट  राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बलात्कार के कानून को  कठोर बनाते हुए 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में दोषी को फांसी देने संबंधी अध्यादेश संसद से पारित किया जाना है
4. होम्योपैथिक केन्द्रीय परिषद (संशोधन) अध्यादेश 2018
केंद्र गवर्नमेंट की ओर से 18 मई को यह अध्यादेश लाया गया था इसमें होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल कानून 1973 को संशोधित किया गया है कानून के तहत फिर से इस काउंसिल का गठन करने का प्रावधान है
5. राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश 2018
6. दिवालियापन  दिवाला संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2018

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