Tuesday , November 20 2018
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2 कमरों के घर में 7 इंडियन कैदियों की तरह बीता रहे हैं जीवन

यूएई में ‘‘कैदियों की तरह रह रहे’’ सात लोगों के एक इंडियन परिवार की मदद के लिए कई लोग सामने आ रहे हैं कई लोगों ने उन्हें जॉब की पेशकश की है  यहां स्थित इंडियन मिशन ने भी सहायता मुहैया कराने के लिए उनसे संपर्क किया है दुबई में हिंदुस्तान की कार्यवाहक महा वाणिज्य दूत सुमथी वासुदेव ने कहा, ‘‘दुबई में इंडियन वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने शारजाह स्थित इस परिवार से संपर्क किया  उन्हें मदद की पेशकश की ’’

यूएई गवर्नमेंट से उनके यहां रहने के दर्जे को वैध करने की गुहार भी लगाई थी
केरल के मधुसूधानन (60)  श्रीलंका मूल की उनकी पत्नी रोहिणी (55) ने दावा किया था कि वह शारजहा में कैदियों की तरह जी रहे है  गिरफ्तारी तथा निर्वासन के भय से उन्होंने यूएई गवर्नमेंट से उनके यहां रहने के दर्जे को वैध करने की गुहार भी लगाई थी उनकी चार बेटियां अश्विथी (29) संगीता (25) शांति (23) गौरी (22)  एक बेटा मिथुन (21) हैं, जो अपने पूरे ज़िंदगी में कभी स्कूल नहीं गए

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सभी बेरोजगार हैं  एक पुराने दो कमरों के घर में रहते हैं
सभी बेरोजगार हैं  एक पुराने दो कमरों के घर में रहते हैं वासुदेव ने बोला , ‘‘पांच में से चार के पास पासपोर्ट हैं लेकिन साल 2012 में उनकी वैलिडिटी खत्म हो गई थी उन्होंने कहा, ‘‘समुदाय के लोगों ने सामने आकर मधुसूधानन  उनके बच्चों को जॉब की पेशकश की है ’’

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मधुसूधानन की पत्नी के श्रीलंका मूल की होने पर उनकी मदद कैसे की जाएगी के सवाल पर वासुदेव ने बोला कि मधुसूधानन का दर्जा वैध होने के बाद श्रीलंकाई वाणिज्य दूतावास से उनकी (रोहिणी की) मदद के लिए संपर्क किया जाएगा ‘खलीज टाइम्स’ ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट में बोला था कि उनके पास खाने को पर्याप्त सामान नहीं है  ऐसे भी कई दिन आते हैं जब उन्हें क्यूबोज (अरबी ब्रेड) पर गुजारा करना पड़ता है

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