Saturday , November 17 2018
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गोताखोरों की मेहनत लाई रंग

बैंकॉक में से चार  बच्चों को सोमवार को बाहर निकाल लिया गया गुफा में 12 बच्चे  उनके फुटबॉल कोच बीते दो हफ्ते से भी अधिक समय से फंसे हुए हैं जिनमें से अब तक आठ को बचाया जा चुका है अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी थाम लौंग गुफा से रविवार को पहले पासअभियान के दौरान चार बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था जबकि बचाव अभियान के दूसरे दिन सोमवार को चार  बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया अब कोच इकापोल चांटावोंग  चार बच्चे गुफा में बचे हैं

बचाए गए बच्चों की पहचान नहीं बताई गई है
बचाए गए बच्चों की पहचान नहीं बताई गई है यह समूह भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के कारण 23 जून को गुफा में फंस गया था पिछले हफ्ते गोताखोरों ने इन्हें जिंदा पाया था बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, थाई नौसेना सील ने बच्चों को बचाने की पुष्टि की है पब्लिक टेलीविजन ने चियांग रै शहर में एक अस्पताल के नजदीक हेलीकॉप्टरों के उतरने का लाइव वीडियो प्रसारित किया है

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हेलीकॉप्टरों के जरिए बचाए गए बच्चे अस्पताल लाए गए
माना जा रहा है कि हेलीकॉप्टरों के जरिए बचाए गए बच्चे अस्पताल लाए गए जिन गोताखोरों ने बच्चों के पहले समूह को बचाने का कार्य किया था, वही दूसरे अभियान में भी शामिल थेअधिकारियों ने बोला कि दशा रविवार की तरह बेहतर बने हुए हैं  बारिश ने गुफा के जलस्तर को प्रभावित नहीं किया है इस बचाव अभियान के आधिकारिक प्रवक्ता नारोंगसाक ओसोतानाकोर्न ने रविवार रात संवाददाता सम्मेलन में बोला था कि बचाव टीमें सोमवार प्रातः काल सात बजे से शाम पांच बजे तक अभियान में जुटेंगी

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उन्होंने बोला कि किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों को अभी उनके परिजनों से नहीं मिलाया गया है लेकिन इस पर विचार किया जा रहा है कि परिजन शीशे के पार से या दूर से उन्हें देख सकें पहले बच्चे को गुफा से रविवार शाम 5.40 बजे निकाला गया  दूसरे को उसके 10 मिनट बाद जबकि दो अन्य को दो घंटे से अधिक समय के बाद बाहर निकाला गया था

गुफा में कैसे पहुंचे बच्चे
बता दें कि, यह सभी बच्चे एक मैच पूरा होने के बाद गुफा में घूमने गए थे ये सभी अंडर-16 फुटबॉल टीम के खिलाड़ी हैं, जिनकी आयु 11 से 16 वर्ष के बीच है 12 बच्चों के साथ इस गुफा में उनके कोच भी मौजूद हैं यह गुफा 10 किलोमीटर लंबी है बारिश के मौसम में ये गुफा जुलाई से नवंबर के बीच बंद कर दी जाती है बताया जा रहा है कि जिस वक्त बच्चे  उनके कोच गुफा में गए थे, उस वक्त वहां पर बारिश होने लगी, जिसके कारण वह वहां पर फंस गए

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