Tuesday , November 20 2018
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क्या राज्य को मिलेगा पहला हिंदू मुख्यमंत्री?

जम्मू  कश्मीर में गवर्नमेंट बनाने के लिए भाजपा  सज्जाद लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रैंस तथा पीडीपी के बागियों के बीच वार्ता चल रही है हालांकि बात सिर्फ CM पद को लेकर रुकी हुई है

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समाचार लेटर भारतीय एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि भाजपा कोई भी मांग पूरी करने या कोई भी मंत्रालय देने के लिए तैयार है, लेकिन वो CM के पद पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है सूत्रों ने बताया, ‘वो इसमें अपना CM बनाने का एक दुर्लभ मौका देख रहे हैं ‘

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इंडियन एक्सप्रेस ने बोला है कि पिछले हफ्ते दिल्ली में भाजपा नेताओं के साथ मीटिंग करने वाले पीडीपी बागी कैंप के एक सूत्र ने बताया कि वो भी CM के पद पर समझौता नहीं करेंगे उन्होंने कि ‘भविष्य में भाजपा का CM बन सकता है, लेकिन अभी ऐसा करने के लिए उचित समय नहीं है ‘

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बीजेपी की तरफ से जम्मू एरिया के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह का नाम CM पद के लिए लिया जा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सज्जाद लोन को CM बनाना चाहता है सज्जाद भाजपा के सहयोगी हैं

जम्मू  कश्मीर हिंदुस्तान का एक मात्र मुस्लिम बहुल राज्य है  2019 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी के लिए विशेष महत्व रखता है बीजेपी ने राज्य में पहली बार पीडीपी के साथ साझेदारी की गवर्नमेंट बनाई थी ये साझेदारी हाल में ही टूट गया

सूत्रों के अनुसार पीपुल्स कॉन्फ्रैंस ने अपनी अलग से कोई राय नहीं रखी है  एक तरह से उनकी तरफ से पीडीपी के बागी विधायक ही पैरोकारी कर रहे हैं राज्य में पीपुल्स कॉन्फ्रैंस के दो विधायक हैं इस बारे में जब सज्जाद लोन से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई कमेंट करने से मना कर दिया

पीडीपी की CM महबूबा मुफ्ती ने एक टीवी साक्षात्कार में बोला है, ‘यदि दिल्ली हस्तक्षेप करती है हमारी पार्टी को तोड़ती है  सज्जाद लोन या किसी को भी CM बनाती है, तो फिर कश्मीरियों का इंडियन लोकतंत्र पर विश्वास समाप्त हो जाएगा दिल्ली को किसी हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया जाएगा ‘

इसके बाद बीजेपी महासचिव राममाधव ने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि पार्टी राज्य में गवर्नमेंटबनाने के लिए प्रयास नहीं कर रही है  भाजपा राज्य में शांति  विकास को देखते हुए राष्ट्रपति शासन के पक्ष में है

लेकिन एक वरिष्ठ पीडीपी ने माना है कि पार्टी के 28 में से 21 विधायक अलग होकर भाजपा के साथ जाने को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए भाजपा को ये वादा करना होगा कि नयी बनने वाली गवर्नमेंटशेष ढाई वर्ष तक बनी रहेगी उन्होंने बोला कि ‘विधायकों के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं उन्हें पता है कि लोग उनसे नाराज हैं  आतंकी उन्हें मारने के लिए तैयार बैठे हैं उनके लिए ये जिंदगी  मौत का सवाल है ऐसे में वो नयी दिल्ली को नाराज नहीं कर सकते हैं ‘

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