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बिहार गैंगरेप मामले में 19 में से छह आरोपी हुआ गिरफ्तार

बिहार के सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र के परसागढ़ स्थित दीपेश्वर बाल ज्ञान निकेतन स्कूल में 10वीं की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। अब तक इस मामले में कुल छह गिरफ्तारी हो चुकी है। एसडीपीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में कुल 19 आरोपित हैं, जिसमें से पहले दिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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इससे पहले पुलिस ने प्रिंसिपल, एक शिक्षक और दो छात्रों को गिरफ्तार किया था। पीड़ित छात्रा के बयान पर प्रिंसिपल, दो शिक्षक और 15 छात्रों पर नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की पुष्टि करते हुए एसपी हरकिशोर राय ने बताया कि प्रिंसिपल छात्रा के साथ पिछले सात महीने से दुष्कर्म कर रहा था। शुक्रवार की सुबह पीड़ित छात्रा ने महिला थाने में मामला दर्ज कराया।

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शिक्षा के मंदिर में प्रिंसिपल, शिक्षकों और छात्रों ने हैवानियत की हद पार कर देने वाली इस घिनौनी घटना को अंजाम दिया। इसने शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर दिया है। इस दुराचार की घटना को सुनकर इलाके के लोग पूरी तरह से स्तब्ध हैं। स्कूल को बंद कर अन्य शिक्षक और कर्मचारी फरार हो गये हैं। घटना के कारण लोगों में शिक्षकों के प्रति भारी आक्रोश है।

एसडीपीओ ने की घटना की जांच

मामले पर पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने बताया कि छात्रा के साथ पिछले सात महीने से दुष्कर्म की घटना हो रही थी। शुक्रवार को पीड़ित छात्रा ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह तथा महिला थानाध्यक्ष इंद्रा रानी ने घटना स्थल पर जाकर मामले की जांच की और चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने छपरा सदर अस्पताल में पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है। इस मामले में शनिवार को पीड़ित छात्रा का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जायेगा। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही।

पहली बार बाथरूम में पांच छात्रों ने किया था दुष्कर्म

छात्रा के साथ सबसे पहले बाथरूम में पांच छात्रों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। सात माह पहले छात्रा को छात्रों ने अपना शिकार बनाया, जिसके 17 दिनों बाद प्रिंसिंपल ने भी दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद छात्रा के साथ दो शिक्षकों ने दुष्कर्म किया। इन घटनाओं के बाद छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सिलसिला ही चल पड़ा। हद तो तब हो गयी, जब प्रिंसिंपल के बेटे मोहित अरूण चार पांच छात्रों के साथ हरेक एक दो दिन बाद सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने लगा।

छात्रा ने बताया कि उसके पिता घर पर नहीं थे जिसके कारण वह इसकी शिकायत किसी से नहीं कर पायी। छात्रा ने बताया कि दो तीन बार लगातार सामूहिक दुष्कर्म होने के बाद जब प्रिंसिंपल से शिकायत करने गयी तो, उसने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और अगले दिन उसने भी दुष्कर्म किया। पिता के घर आने पर छात्रा ने घटना की शिकायत की।

इसके बाद पिता ने स्कूल में जाकर इस विषय में पूछताछ की तो शुक्रवार को स्कूल में प्रार्थना के बाद उसे एक कमरे में ले जाकर प्रिंसिंपल, दो शिक्षकों और छात्रों ने मारपीट की। इसके बाद पीड़िता छात्रा के पिता उसे लेकर महिला थाना पहुंचे। इस मामले में पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिंपल उदय शंकर सिंह, शिक्षक बालाजी, छात्र मोहित अरूण तथा रोहित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

मेडिकल जांच रिपोर्ट आने का है इंतजार

पीड़ित छात्रा की मेडिकल जांच सदर अस्पताल में कराई गई और फिलहाल उसे महिला थाना की पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। छात्रा का बयान शनिवार को न्यायालय में दर्ज कराया जायेगा। इस मामले में फरार 14 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी

पीड़ित छात्रा के बयान पर महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मेडिकल जांच करा लिया गया है। मेडिकल जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।

आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पांच थानों की पुलिस को लगाया गया है, जिसमें एकमा, मांझी, रसुलपुर, दाउदपुर तथा जनता बाजार थाना की पुलिस शामिल है। छापेमारी दल का नेतृत्व एसडीपीओ अजय कुमार सिंह कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। गठित टीम का नेतृत्व सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह को सौंपा गया है।

चार सदस्यीय टीम ने पीड़ित छात्रा की मेडिकल जांच की  

पुलिस के अनुरोध पर सिविल सर्जन ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है जिसमें दो महिला चिकित्सक तथा एक हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं एक पैथालाजिस्ट चिकित्सक शामिल हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डा शंभू नाथ सिंह ने बताया कि मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है और देर शाम तक पुलिस को जांच रिपोर्ट सौंप दी जायेगी।

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