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अंतर्राष्ट्रीय फलक पर चमकेगा फराज का सितारा

यूपी के मुरादाबाद शहर के वारसी नगर की तंग गलियों में छोटे से मकान में रहने वाले मोहम्मद फराज ने राष्ट्र की जूनियर हॉकी टीम में अपना जगह बनाकर परिजनों, प्रशिक्षकों शहर का नाम राष्ट्रीय फलक पर रोशन किया है. हॉकी की राष्ट्रीय टीम में चयनित होने वाले फराज मुरादाबाद के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. अब वह 14 जुलाई से बेल्जियम में आयोजित की जा रही छह राष्ट्रों की प्रतियोगिता में अपने ड्रैक फ्लिक के हुनर से कमाल करने को बेताब हैं. घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
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घर का नक्शा बनाने वाले मोहम्मद हासिम  आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नसरीन फातिमा के तीन बच्चों में फराज दूसरे नंबर के हैं. मां नसरीन फातिमा ने बताया कि फराज बचपन में क्रिकेट खेलने के शौकीन थे. लेकिन कक्षा पांच में आते-आते हॉकी खेलने लगे. क्रिकेट के क्रेज को देखते हुए मां ने हॉकी खेलने से मना भी किया था, लेकिन फराज पर तो जुनून सवार था.

राजकीय इंटर कॉलेज के ऊबड़-खाबड़  धूल भरे मैदान पर प्रशिक्षकों के बताए उपायों का फराज घर के छोटे से आंगन में एक्सरसाइज करते थे. साल 2006, 2007, 2008 में वह राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूल स्टेट खेले. बेहतरीन ड्रैक फ्लिक की वजह से उनका चयन साल 2011 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के खेल छात्रावास में हो गया था.

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तीन दिन में ही लौटे घर

फराज ने बताया कि छात्रावास में खिलाड़ियों ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया. तीन दिन में ही उनकी बातों में आकर वह घर लौट आए. इस पर प्रशिक्षक इकबाल खान ने उन्हें खूब डांटा जिला हॉकी क्लब के संस्थापक अतहर खां ने दोबारा एडमिशन करा दिया. वहां जाने के तीन महीने के अंदर ही वह सब जूनियर टीम में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेले. साल 2012 में उनको लखनऊ खेल छात्रावास में एडमिशन मिला. यहां से फराज ने साल 2015, 2016, 2017 में जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया.

उड़ीसा के विरूद्ध लगाई हैट्रिक

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जूनियर वर्ग में होने के बावजूद इसी साल फरवरी माह में लखनऊ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एयर इंडिया टीम की ओर से फराज को खिलाया गया. यहां पर भी उन्होंने अपने ड्रैक फ्लिक से विपक्षी खेमे में हड़कंप मचा दी. फराज ने बताया कि राष्ट्र में सबसे मजबूत टीम उड़ीसा की मानी जाती है. इसके विरूद्ध लगातार तीन गोल दागकर हैट्रिक की. पूरी प्रतियोगिता में नौ पेनाल्टी कॉर्नर में से आठ को उन्होंने गोल में तब्दील किया  दूसरे सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी रहे.

हॉकी खेल महासंघ की ओर से विश्वकप के लिए कोर टीम का चयन किया गया. फराज को पहले 53 खिलाड़ियों में  बाद में 33 खिलाड़ियों में चुना गया. अब वह 18 सदस्यीय टीम के सदस्य हैं.

आयरलैंड में खेलेंगे एक्सरसाइज मैच

बेल्जियम में 14 जुलाई से 21 जुलाई तक होने वाली प्रतियोगिता में छह राष्ट्र आयरलैंड, ग्रेट ब्रिटेन, भारत, बेल्जियम, मलेशिया  नीदरलैंड खेलेंगे. इससे पहले हॉलैंड में दो एक्सरसाइज मैच भी खेले जाएंगे. इसके लिए वह छह जुलाई को दिल्ली से रवाना होंगे. फराज ने बताया कि बिना मेहनत के कोई रास्ता नहीं मिलता है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा गोल करने की रणनीति रहेगी, ताकि विजेता ट्रॉफी राष्ट्र के नाम रहे.

फराज ने सबसे पहले मां को फोन कर चयन की सूचना दी थी. जानकारी मिलते ही परिजन, रिश्तेदार  परिचितों के बधाई देने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं. प्रातः काल से ही पकवान बनाने के अतिरिक्त मिठाई बांटी जा रही है. बड़े भाई मोहम्मद अहफाज ने बताया कि फराज को कभी रुपये-पैसों की समस्या नहीं होने दी. जब कठिनाई आई तो अपनी जरूरतों में कटौती कर उसको जूतों  हॉकी के लिए रुपये भेजते थे.

प्रशिक्षक इकबाल खान ने बताया कि अभी तक मुरादाबाद से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिताओं या फिर राष्ट्रीय शिविरों में ही भाग लिया है. जीआईसी मैदार पर हॉकी के 50 वर्ष के इतिहास में यह पहला मौका है कि यहां का खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलेगा. देशभर से 18 सदस्यीय की टीम में स्थान बनाना बहुत कठिन होता है, लेकिन उसने अपने जुनून  मुश्किल परिश्रम की वजह से इसे साकार कर दिया.

पिता के नहीं थम रहे आंसू

बेटे की सफलता पर पिता हासिम के खुशियों के आंसू नहीं थम रहे हैं. वह बात-बात में फफक पड़ते हैं. उन्होंने बताया कि प्रारम्भ से ही बेटे पर भरोसा था. इसलिए उसे छोटी सी आयु में खुद से दूर कर दिया था. आज उसने पिता के त्याग को सार्थक कर गौरवान्वित कर दिया.

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