Wednesday , November 21 2018
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सुनंदा पुष्कर मामला : थरूर के एडवोकेट ने दिया एसआईटी रिपोर्ट का हवाला

में की ओर से न्यायालय में दायर अग्रिम जमानत की याचिका पर न्यायालय आज (बुधवार को) सुनवाई करने वाली है विशेष न्यायाधीश अरविन्द कुमार अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई करने वाले हैं मंगलवार (3 जुलाई) को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दक्षिण दिल्ली पुलिस से इस मामले पर जवाब मांगा था  बोला था कि न्यायालय में वह अपना पक्ष रखें बता दें कि इस मामले मे थरूर को पहले ही बतौर आरोपी समन किया जा चुका है

Image result for थरूर के एडवोकेट 

इससे पहले, मजिस्ट्रेट न्यायालय आत्महत्या के लिए उकसाने  सुनंदा पुष्कर को प्रताड़ित करने के कथित अपराधों में बतौर आरोपी थरूर को समन कर चुकी है  थरूर ने एडवोकेटविकास पाहवा के माध्यम से दायर अर्जी में बोला है कि गिरफ्तारी के बिना ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है  एसआईटी ने स्पष्ट रूप से बोला है कि जांच पूरी हो गई है  हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की आवश्यकता नहीं है

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गिरफ्तारी के बिना दाखिल किया गया आरोपपत्र
पाहवा ने कहा, ‘कानून एकदम स्पष्ट है, यदि गिरफ्तारी के बिना आरोपपत्र दाखिल हो गया है तो जमानत मिलनी चाहिए हमने सिर्फ संरक्षण की मांग की है ताकि वह सात जुलाई को न्यायालय में पेश हो सकें ‘ उन्होंने बोला कि चूंकि अभियोजक आज न्यायालय में उपस्थित नहीं थे, इसलिए मामले पर बुधवार को 10 बजे सुनवाई होगी

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एयरपोर्ट पर हुआ था झगड़ा
थरूर से 2010 में शादी करने वाली पुष्कर दिल्ली के एक होटल में 17 जनवरी 2014 को रहस्यमयी हालत में मृत मिली थी इस मामले में थरूर के विरूद्ध सबसे अहम सबूत दिल्ली एयरपोर्ट पर थरूर  सुनंदा के बीच हुआ टकराव ही रहा पुष्कर और थरूर के बीच त्रिवेंद्रम से दिल्ली आ रही फ्लाइट में झगड़ा हुआ था कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही सुनंदा ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट की सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर लिया था

क्या है पूरा मामला
सुनंदा 17 जुलाई 2014 को दिल्ली के एक आलीशान होटल के कमरे में मृत पाई गई थीं थरूर पर इंडियन दंड संहिता की धारा 498 ए (पति या रिश्तेदार के हाथों महिला की प्रताड़ना)  306 (आत्महत्या क लिए उकसाना) के तहत आरोप लगाये गये हैं करीब 3000 पन्नों के आरोपपत्र में पुलिस ने थरूर को एकमात्र आरोपी बताते हुए आरोप लगाया है कि वह अपनी पत्नी को प्रताड़ित करते थे

दंपति का घरेलू सहायक नारायण सिंह इस मामले में मुख्य गवाह है धारा 498 ए के तहत अधिकतम तीन वर्ष कैद जबकि 306 के तहत अधिकतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान  दिल्ली पुलिस ने सुनंदा की मौत के सिलसिले में एक जनवरी , 2015 को अज्ञात आदमी के विरूद्ध धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया था सूत्रों के अनुसार , आरोपपत्र में बोला गया है कि सुनंदा को मानसिक  शारिरिक दोनों रूपों में प्रताड़ित किया जाता था

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