Wednesday , November 14 2018
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भाटिया ने लिखी थी सामूहिक आत्महत्या की स्क्रिप्ट?

में सामूहिक आत्महत्या मामले में घर से मिले दो रजिस्टर की जांच के दौरान अपराध ब्रांच कुछ चौकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं रजिस्टर में लिखावट छोटे बेटे ललित भाटिया की है जिसको वह 2015 से लिख रहा है पुलिस ने बताया कि रजिस्टर में ललित वे सारी बातें लिखता था जो वह अपने सपने में अपने स्वर्गीय पिता भोपाल सिंह से करता था भोपाल सिंह की मौत 10 वर्ष पहले हो गई थी

Image result for बुराड़ी केस : क्या छोटे बेटे ललित भाटिया ने लिखी थी सामूहिक आत्महत्या की स्क्रिप्ट?

पुलिस को अपनी जांच में पता चला कि ललित के सपने में कभी-कभी उसके पिता आते  उनसे जो भी बात करते उन्हें ललित रजिस्टर में लिख लेता था ऐसी बातों के अतिरिक्त भी ललित कई साधनाओं के बारे में भी लिखता था

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दरअसल, पुलिस को रजिस्टर की जांच करने  परिवार के जानकारों से वार्ता करने से पता चला कि ललित पर अपने स्वर्गवासी पिता भोपाल सिंह का बहुत ज्यादा असर था वह घर में पिता के सपने में आने की बात बताकर उनके आदेश का पालन करने को सबको कहता था पुलिस ने बताया कि रजिस्टर में 37 पन्नों में सिर्फ वट पूजा का जिक्र किया गया है, जिसका दिन 30 जून पहले से ही तय था ये पूजा रात 12 बजे से 1 बजे के बीच करनी थी किसको क्या करना था, कहां लटकना था किसी की मदद पट्टी बांधने  हाथ बांधने में नहीं करनी थीये सब ललित ने रजिस्टर में लिखा था

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क्राइम ब्रांच ने अपनी जांच में पाया कि घर के सभी 11 सदस्यों ने खुदकुशी की है  ये कदम पूरे परिवार ने ललित के कहने पर उठाया ललित ने पूरे परिवार को भरोसा दिलाया था कि वट पूजा यानी बरगद की पूजा कर के वे सब परमात्मा से मिल कर वापस आ जाएंगे  सामान्य ज़िंदगी जीएंगे पूरा आध्यात्मिक परिवार ललित के इस अंधविश्वास की बातों में आ गया  खुशी-खुशी से बच्चों समेत पूरा परिवार वट पूजा करने के लिए तैयार हो गया

दिल्ली पुलिस की अपराध ब्रांच के ज्वाइंट कमिश्नर ने ज़ी समाचार को बताया कि हत्या का कोई भी सबूत नहीं मिला है अभी तक की जांच में लगता है कि ललित को शेयर्ड सायकोटिक डिसऑर्डर की बीमारी थी पुलिस को लगता है कि पूरे परिवार ने ललित के कहने पर बरगद के पेड़ की शाखाओं की तरह लटकने का एक्टिंग यह सोचकर किया कि उनकी मौत नहीं होगी

जिस तरह से रजिस्टर के नोट में लिखा है, ‘सब लोग अपने अपने हाथ खुद बांधेंगे  जब क्रिया हो जाए तब सभी एकदूसरे के हाथ खोलने में मदद करेंगे ‘ इससे ये लगता है कि परिवार के लोगों को मौत का अंदाज़ा नहीं था वे इसे एक खेल या एक अंधविश्वास के डेमो की तरह कर रहे थे उन्हें लग रहा होगा वे ये क्रिया कर ज़िंदा बच जाएंगे बुज़ुर्ग महिला ने भी बेड से सटी अलमारी में बेल्ट  चुन्नी के सहारे फांसी लगाई, लेकिन मौत के बाद वह उल्टी गिर गई

अभी तक की जांच में ललित ही इस मामले का मास्टरमाइंड लगता है ललित के बारे में जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि वह धार्मिक क्रियाओं में लगा रहता था

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