Thursday , September 20 2018
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आज सुप्रीम न्यायालय सुनाएगा फैसला, कम होगी मुख्यमंत्री व एलजी के बीच टकराव?

 दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल  दिलाने के लिए अभियान चला रही है वहीं, केंद्रशासित प्रदेशों में उपराज्यपाल  CM के अधिकारों के मामले में सुप्रीम न्यायालय आज बड़ा निर्णय सुनाने वाला है सुप्रीम न्यायालय की संवैधानिक पीठ इस मसले पर आज साढ़े दस बजे अपना निर्णय सुनाएगी पीठ में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के साथ जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़  जस्टिस अशोक भूषण शामिल हैं

Image result for The Supreme Court will pronounce the verdict today, will be the clash between the Chief Minister and LG?

कम होगी मुख्यमंत्री  एलजी के बीच टकराव?
सुप्रीम न्यायालय के इस निर्णय के बाद केंद्रशासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री  एलजी के बीच विवाद की स्थिति कम होने के संभावना हैं माना जा रहा है कि सुप्रीम न्यायालय के निर्णय के बाद केंद्रशासित प्रदेशों में एलजी  मुख्यमंत्री के अधिकार बांट दिए जाएंगे

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हाईकोर्ट ने LG को बताया बॉस
इससे पहले इस मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई न्यायालय ने उपराज्य़पाल को दिल्ली का बॉस बताया था 4 अगस्त, 2016 को सुनवाई के दौरान हाई न्यायालय ने बोला था कि उपराज्यपाल ही दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं  दिल्ली गवर्नमेंट एलजी की मर्जी के बिना ना तो कानून बना सकती है  ना ही विधानसभा में इसे पेश कर सकती है

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सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दी ये दलीलें
आम आदमी पार्टी गवर्नमेंट ने मामले की सुनवाई के दौरान संविधान पीठ के सामने कई सारी दलीलें दी थी दिल्ली गवर्नमेंट ने बोला था कि उसके पास विधायी  कार्यपालिका दोनों के ही अधिकार हैं उसने यह भी बोला था कि CM  मंत्रिपरिषद के पास कोई भी कानून बनाने की विधायी शक्ति है जबकि बनाए गए कानूनों को लागू करने के लिए उसके पास कार्यपालिका के अधिकार हैं यही नहीं, आप गवर्नमेंट का यह भी तर्क था कि उपराज्यपाल अनेक प्रशासनिक निर्णय ले रहे हैं  ऐसी स्थिति में लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित गवर्नमेंट के सांविधानिक जनादेश को पूरा करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 239 एए की व्याख्या महत्वपूर्ण है

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