Monday , November 19 2018
Loading...
Breaking News

बुराड़ी: बेटी के ‘मांगलिक दोष’ दिन में तीन बार पूजा करवाता था ललित-क्राइम ब्रांच

 के बाद यह आत्यहत्या या है मर्डर इसकी गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है दिल्ली समेत पूरे राष्ट्र की निगाहें इस हत्याकांड की गुत्थी के सुलझने पर टिकी हुई है मामले की छानबीन करने  मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए एक बार फिर अपराध ब्रांच की टीम ने घर  छोटे बेटे ललित की दुकान की तलाशी ली है तलाशी के बाद पुलिस को एक  अहम सुराग हाथ लगा है

Image result for बेटी के 'मांगलिक दोष' से परेशान  परिवार

शुरुआती जांच में पता चला था कि ललित के पिता उसने सपनों में आते थे  पूरा परिवार उसकी बात को मानता था अब अपराध ब्रांच को पता चला है कि ललित एक विशेष समय में परिवार के सभी सदस्यों के साथ दिन में तीन बार पूजा करवाता था इस पूजा घर में प्रातः काल 8 बजे होती थी, फिर दोपहर में 12 बजे,  फिर रात में 10 होती थी  परिवार के सभी सदस्य इसमें भाग लेते थे

Loading...

बहन की विवाह के लिए परेशान था ललित?
अपराध ब्रांच की रिपोर्ट के मुताबिक ललित की बहन प्रियंका मागंलिक थी प्रियंका के मांगलिक दोषों को दूर करने के लिए ललित दिन में तीन बार विशेष पूजा करवाता था पूजा के दौरान ललित का दावा था कि उसके पिताजी भी वहां पर मौजूद थे पूजा के प्रति परिवार के अन्य सदस्यों की आस्था इसलिए भी बढ़ गई थी, क्योंकि इसके कुछ दिनों बाद ही प्रियंका का रिश्ता तय हो गया प्रियंका का रिश्ता तय होने के बाद परिवार के सभी सदस्य बहुत ज्यादा खुश थे  ललित के प्रति उनका विश्वास  भी प्रगाढ हो गया

loading...

बेटे की आवाज वापस आने से बढ़ी आस्था 
बुराड़ी घर में जहां मौत हुई थी वहां के पड़ोसियों का कहना है कि इस घर का सबसे छोटा जो बेटा था उसे प्लाई से गले में चोट लग जाने के चलते उसकी आवाज चली गई थी इसके बाद उसने आसाराम से संपर्क किया इसके कुछ दिन बाद उसकी आवाज आ गई तब से इन लोगों का आस्था में विश्वास बढ़ गया लोगों ने बोला कि यह मामला धार्मिक एंगल का नहीं हो सकता है  मर्डर के बाद इसे आत्महत्या देने की प्रयास की गई है

पुलिस को हाथ लगे 20 रजिस्टर

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, घर  दुकान की तलाशी के दौरान पुलिस को कुल 20 रजिस्टर हाथ लगे हैं अधिकारियों का कहना है कि पिता की मौत के बाद ही ललित ने रजिस्टर लिखना प्रारम्भ किया था परिवारवालों का मानना था कि ललित के पिता सपने में आते हैं  जो कुछ भी कहते हैं, ललित उनको इस रजिस्टर में लिखता था

Loading...
loading...