Wednesday , September 26 2018
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अरुण जेटली ने की तीखी आलोचना, कानून को बताया अराजक

सरकारी ‘बैंक ऑफ महाराष्ट्र’ के पूरे शीर्ष प्रबंधन की हाल में राज्य पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने तीखी आलोचना की है. उन्होंने बोला कि किसी को भी राष्ट्र के संघीय ढांचे की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. करप्शन निरोधक अधिनियम को अराजक बताते हुए उन्होंने इसमें संशोधन की आवश्यकता भी बताई. यह ऐसे कानूनों में से एक है जिसका प्रारूप बेहद बेकार तरीके से बनाया गया है. इस वजह से गवर्नमेंट भी निर्बल हो जाती है.

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मालूम हो कि एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में पुणे पुलिस ने 21 जून को बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूरे शीर्ष प्रबंध को अरैस्ट कर लिया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने कर्ज देने के अपने नियमों का उल्लंघन कर घोटाले के आरोपी डेवलेपर डीएसके ग्रुप को 94.5 करोड़ रुपये का ऋण दिया. इस कार्रवाई से पूरा बैंकिंग समुदाय सदमे में आ गया  उन्होंने इसकी निंदा करने के लिए एक आपात मीटिंग भी की.

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वीडियो लिंक के जरिये उद्योग जगत के एक प्रोग्राम को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, ‘अपराध की जांच में हम राष्ट्र के संघीय ढांचे की अनदेखी नहीं कर सकते. हमारे संघवाद में कुछ शक्तियां केंद्र गवर्नमेंट को दी गई हैं. कुछ शक्तियां राज्य सरकारों को प्रदान की गई हैं. कानून-व्यवस्था  जांच राज्य का विषय हैं. मैंने एक नया ही रुझान देखा है कि केंद्र गवर्नमेंट के गुलाम आने वाली एजेंसी, संस्थान या बैंकों की जांच राज्य पुलिस कर रही है.

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उन्होंने आगे बोला कि केंद्रीय एजेंसियों को जब राज्य के अधिकारियों के विरूद्ध जांच करनी होती है तो उन्हें राज्य से अनुमति लेनी होती है. यहां तक की सीबीआइ भी राज्य में किसी क्राइम की जांच उसकी अनुमति के बगैर नहीं कर सकती.

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