Friday , November 16 2018
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FY19 में बजट टार्गेट से कम रह सकता है राजकोषीय घाटा

कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल का मानना है कि हिंदुस्तान वित्त साल 2018-19 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3 फीसद के बजट स्तर से नीचे रखने में सक्षम होगा. हालांकि यह चालू वित्त साल के पहले दो महीने में ही सालाना लक्ष्य के 55 फीसद पर पहुंच गया है.

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उन्होंने बोला कि GST से साल 2018-19 में 13 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आएगा, क्योंकि ई-वे बिल का पूरा लाभ मिलना अब प्रारम्भ हो गया है. जून, 2018 में GST मद में 95,610 करोड़ रुपये का राजस्व आया है. गोयल ने कहा, “यह धारणा है कि राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाएगा लेकिन मेरा मानना है कि हम वास्तव में बजट में निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से बेहतर करेंगे.” आपको जानकारी के लिए बता दें कि गवर्नमेंट ने चालू वित्त साल में राजकोषीय घाटे के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले 3.3 फीसद रहने का लक्ष्य रखा है. यह 2017-18 के 3.53 फीसद से कम है.

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राजकोषीय घाटा जो कि राजस्व  व्यय के बीच का अंतर होता है अप्रैल-मई अवधि के दौरान 3.45 लाख करोड़ रुपये रहा जो कि वित्त साल 2018-19 के बजटीय लक्ष्य का 55.3 फीसद रहा है. बीते वित्त साल 2017-18 की पहली तिमाही के दौरान राजकोषीय घाटा बजटीय अनुमान का 68.3 फीसद रहा था.

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‘प्रोजेक्ट सशक्त’ करेगा NPA की समस्या को दूर

सरकारी बैंकों के गले की फांस बने एनपीए (नॉन परफॉरमिंग एसेट्स यानी फंसे कर्ज) की समस्या को दूर करने के लिए एक समग्र नीति लाने का एलान किया गया है. यह समग्र नीति प्रोजेक्ट सशक्त के नाम से लागू होगी जिसे सुनील मेहता की अध्यक्षता में गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है. प्रोजेक्ट सशक्त के तहत पांच सूत्री फॉर्मूला लागू किया जाएगा. समिति की रिपोर्ट पर कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल  वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की बैंकों के अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई मीटिंग के बाद प्रोजेक्ट सशक्त लागू करने की घोषणा की गई. गवर्नमेंट का कहना है कि पहली बार राष्ट्र में एनपीए की समस्या से निपटने के लिए लंबी अवधि की योजना लागू की गई है.

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