Saturday , June 23 2018
Loading...

हिंदुस्तान के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर किया 7.4 फीसद

फिच रेटिंग एजेंसी ने वित्त साल 2018-19 के लिए हिंदुस्तान के ग्रोथ अनुमान को 7.3 फीसद से बढ़ाकर 7.4 फीसद कर दिया है. हालांकि एजेंसी ने यह भी चेताया है कि कर्ज की लागत का बढ़ना  कच्चे ऑयल की कीमतों में उछाल इकॉनमिक ग्रोथ के लिए जोखिमभरा है. वहीं वित्त साल 2019-20 के लिए उसने हिंदुस्तान की इकोनॉमिक ग्रोथ के 7.5 फीसद पर रहने का अनुमान लगाया है.

Image result for हिंदुस्तान के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर किया 7.4 फीसद

फिच ने अपने ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक में कहा, “हमने वित्त साल 2018-19 के लिए हिंदुस्तान के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 7.4 फीसद कर दिया है जिसके बारे में हमने मार्च में 7.3 फीसद रहने का अनुमान लगाया था. हालांकि उच्च वित्तीय लागत  कच्चे ऑयल की बढ़ती कीमतें ग्रोथ की गति पर लगाम लगा सकती हैं.

भारत की अर्थव्यवस्था वित्त साल 2017-18 के दौरान 6.7 फीसद एवं जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 7.7 फीसद की ग्रोथ रेट से बढ़ी है. वहीं फिच ने आगे बोला कि इस वर्ष एशिया में इंडियन रुपया सबसे बेकार प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही है. हालांकि यह गिरावट 2013 के बुरे दौर की तुलना में थोड़ा कम है.

वहीं इस रिपोर्ट में आगे बोला गया कि वर्ष 2013 की तुलना में हिंदुस्तान का वृहद आर्थिक परिदृश्य बेहतर स्थिति में है  घरेलू सरकारी बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेश का स्तर कम रहा है. मगर कच्चे ऑयल की बढ़ती कीमतों, सुधरती घरेलू मांग  विनिर्मित वस्तुओं का निर्यात बेहतर न होने से चालू खाता घाटा बढ़ रहा है. बताते चलें कि बढ़ती ऑयल की कीमतों का हवाला देते हुए बीते महीने मूडीज ने हिंदुस्तान के ग्रोथ अनुमान को 7.5 फीसद से घटाकर 7.3 फीसद कर दिया था.

Loading...