Monday , September 24 2018
Loading...
Breaking News

दादी की सजगता से रेटिनोब्लास्टोमा से पीड़ित एक वर्षीय पोती की आंखों की बच गई रोशनी

दादी की सजगता से रेटिनोब्लास्टोमा से पीड़ित एक वर्षीय पोती की आंखों की रोशनी बच गई. वह मूलरूप से नेपाल की रहने वाली है. रेटिनोब्लास्टोमा आंखों का कैंसर है. सही समय पर उपचार नहीं होने पर इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की आंखों की रोशनी चली जाती है.

Image result for एक वर्षीय पोती की आंखों की बच गई रोशनी

बच्ची की मां भी यह पीड़ा झेल चुकी है. उस घटना से सतर्क दादी सही समय पर बच्ची के उपचार के लिए अपोलो अस्पताल पहुंची. जहां अस्पताल के डॉक्टरों ने उपचार कर बच्ची की आंखों की रोशनी बचा ली. अस्पताल के पेडियाट्रिक आंकोलॉजी विभाग की वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ अमिता महाजन ने बोला कि बच्ची के माता-पिता दोनों ही दृष्टि बाधित हैं.

Loading...

रेटिनोब्लास्टोमा की बीमारी बच्चों को होती है. बच्ची की मां भी इस बीमारी से पीड़ित थी ,जिस वजह से मां देख सकने में सक्षम नहीं हैं. वहीं, पिता भी किसी अन्य कारण से दृष्टि बाधित हैं. उन्होंने बोलाकि रेटिनोब्लास्टोमा से पीड़ित बच्चों की आंखों में सफेद झिल्ली जैसी वस्तु दिखाई देती है.

loading...

यह आंखों के कैंसर का लक्षण होता है. लोग जागरूकता और जानकारी के अभाव में इस बीमारी को पहचान नहीं पाते. इस मामले में बच्ची की दादी ने तुरंत लक्षण को पहचान लिया  लोकल डॉक्टरों को दिखाया. वहां के डॉक्टरों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया. रेटिनोब्लास्टोमा की पुष्टि होने पर कीमो देकर उसका उपचार किया गया. परिजन उपचार का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं थे. एक गैर सरकारी संगठन की मदद से बच्ची का उपचार संभव हो सका.

Loading...
loading...