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मध्‍यप्रदेश में हाईअलर्ट, सीएम शिवराज ने संभाली कमान

मध्‍यप्रदेश समेत राष्ट्र के कई राज्‍यों में आज से प्रारम्भ हो रहे ‘गांव बंद आंदोलन’ का प्रभाव सत्‍ता  सियासत दोनों में देखने का मिल रहा है. इस आंदोलन से जहां राज्‍य की सत्‍ता अलर्ट  सहमी है, वहीं विपक्ष इस मामले को सियासी रंग देने में तुला है. जी हां, मध्‍यप्रदेश के किसान संगठनों के गांव बंद के ऐलान ने सूबे के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह को बेचैन कर दिया है. यही वजह है कि इस पूरे मामले की कमान उन्‍होंने खुद संभाल रखी है. गवर्नमेंट इस पूरे आंदोलन को कांग्रेस पार्टीसमर्थित बता रही है, हालांकि किसान संगठनों ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है.

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गांव से नहीं निकलेंगे ग्रामीण

किसान संगठनों के सख्‍त निर्णय से शहरी लोगों में बेचैनी बढ़ चली है. संगठनों का कहना कि गांव बंद आंदोलन के दौरान कोई भी ग्रामीण शहर की ओर रुख नहीं करेगा. इस दौरान गांव से कोई भी सामग्री बाहर नहीं आएगी. किसान संगठनों के इस कड़े रुख के बाद शहरी लोगों की म‍ुश्किलें बढ़ चली हैं. क्‍योंकि उनके रोजमर्रा की चीजें गांव से मुहैया होती हैं. यही वजह है आंदाेन के एक दिन पूर्व गुरुवार को मध्‍यप्रदेश में शहरी बाजारों में भारी भीड़ देखी गई. इंदौर, देवास  मध्‍यप्रदेश के कई थोक  फुटकर सब्जी मंडियों में भारी भी़ड़ देखी गई. मौके का लाभ उठाते हुए व्यापारियों ने अपने हिसाब से दाम ब़़ढाकर बेचे.

मुख्‍यमंत्री आवास में देररात तक रही हलचल

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आंदोलन से निपटने के लिए मुख्‍यमंत्री आवास में देर राज तक बैठकों का दौर जारी रहा. गवर्नमेंट ने भी अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. खुफिया रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षकों को ब़़डी तादाद में पुलिस बल मुहैया कराया गया है. CM शिवराज सिंह चौहान ने खुद मोर्चा संभाल लिया है.CM ने दमोह से लौटने के बाद देर रात मुख्यमंत्री हाउस में पुलिस  प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस दौरान उन्होंने आंदोलन को लेकर प्रशासन की तैयारियों का फीडबैक लिया.

सरकार  प्रशासन मालवा  निमा़ड एरिया पर पैनी नजर रख रहा है. पिछले वर्ष भी इन्हीं दिनों आंदोलन की आरंभ इन क्षेत्रों से ही हुई थी. मंदसौर जिले में गुरुवार शाम से अलर्ट जारी हो गया. पांच एसएएफ की कंपनियां भी पहुंच गई हैं. रतलाम में प्रशासन द्वारा जिले में 60 गांवों को संवेदनशील के रूप में चयन किया गया. जिला प्रशासन ने अमूल को भी रोजाना 50 हजार लीटर दूध प्रदाय के लिए बोला है. जिला प्रशासन ने शहर के मॉल  ग्रासरी स्टोर आदि के संचालकों को सब्जियों का पर्याप्त स्टॉक रखने को बोला है. शहरवासी इन स्थानों से भी सब्जियां खरीद सकते हैं.

आंदोलन को पास बनाने के लिए किसान संगठनों ने पूरी ताकत झोंकी

इस आंदोलन को अच्छा बनाने के लिए किसान संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी हैं. 6 जून को मंदसौर गोलीकांड की बरसी के मौके पर कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के आने की तैयारी से सियासी पारा  गर्म हो गया है. गवर्नमेंट पूरे आंदोलन को कांग्रेस पार्टी समर्थित बता रही है तो किसान संगठन इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं. CM शिवराज सिंह चौहान जगह-जगह आरोप लगा रहे हैं कि किसानों की आ़़ड में कांग्रेस पार्टी हिंसा फैलाना चाहती है.

उधर, इंडियन किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव ने बताया कि हमारा आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है. इस दौरान गांव से अनाज, फल  सब्जी बाहर नहीं आएंगी. हम अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहते हैं. गवर्नमेंट ने युद्ध जैसे दशा पैदा कर दिए हैं. यदि किसानों की गिरफ्तारी की गई तो कारागार भरो आंदोलन छे़डा जाएगा.

खूनी खेल खेलना चाहती है कांग्रेस पार्टी : शिवरा

मुख्यमंत्री ने बोला है कि कांग्रेस पार्टी के पास न्याय यात्रा, बैलगाड़ी यात्रा के अतिरिक्त कोई धंधा नहीं है. कांग्रेस पार्टी हिंसा का खूनी खेल खेलना चाहती है  राज्‍य में हिंसा फैलाने की प्रयास की जा रही है. उन्‍होंने बोला कि जो कांग्रेस पार्टी गरीबों को कभी एक रुपये किलो चावल, गेहूं  नमक नहीं खिला सकी, वह मुझसे हिसाब मांग रही है. अगर बोलना है तो शिवराज सिंह से आंख मिलाकर बोलो.

अप्रिय स्थिति के लिए मुख्यमंत्री होंगे जिम्मेदार : कमलनाथ

प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष कमलनाथ ने बोला है कि किसान आंदोलन के दौरान अप्रिय स्थिति के लिए CM जिम्मेदार होंगे. भोले–भाले  बुजुर्ग किसानों से बांड भरवाने का नोटिस जारी कर उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचा रहे हैं. CM ऐसा बर्ताव कर किसानों को भ़़डका रहे हैं.

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