Friday , February 22 2019
Loading...

दुनिया चाँद तक, किसान खेत की मेड़ तक

देश में एक बार फिर अन्नदाता सड़कों पर उतरने को मजबूर है हर सम्बोधन में किसानों के हित की बात करने वाले गवर्नमेंट के झूठे वादों की सच्चाई से वाकिफ हो चुके किसान एक बार फिर आंदोलन की राह पर है  क्योकि वो दिन लद गए जब किसान आत्महत्या कर लेता था, आज भी कर रहा है, मगर अब उसने हक़ की जंग का दूसरा रास्ता अख्तियार कर लिया है जिसे किसान आंदोलन का नाम दिया जा रहा है असल मायने में यह किसान जागरण है दशकों से मिटटी से सोना पैदा करने वाला ये जादूगर आज भी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा है संसार चाँद तक जा पहुंची  किसान सिर्फ खेत की मेड़ तक सीमित रहा, कभी शिकायत नहीं की हर जुल्म को तकदीर समझ सहता गया  अब उसकी हिम्मत गवाह दे गई है

Image result for दुनिया चाँद तक, किसान खेत की मेड़ तक

अब उसे समझ भी आने लगा है  अपनी शक्ति को भी वो पहचान चूका है नौबत यहाँ तक नहीं आती गर उसे समय रहते हक़ दे दिया जाता मगर गवर्नमेंट  उसके नेता तो किसान को नीरा मुर्ख समझ रहे है तभी तो हाल ही में कई नेता किसान के विरूद्ध बेहद शर्मनाक बयानबाजी से भी बाज नहीं आये वे भूल गए की प्रातः काल शाम की भूख मिटाने वाला, अनाज किसी फ़ैक्ट्री या संसद के गलियारों में पैदा नहीं होता उसे वही अपनी मेहनत से सींचता है जिसे अज्ञानतावश तुम कोस रहे हो आगामी एक जून से 10 जून तक किसानों के आंदोलन  शहरों की दूध, सब्जियां आदि सप्लाई रोकने के देशव्यापी आह्वान का प्रभाव भिण्ड जिले सहित पूरे ग्वालियर चंबल संभाग पर भी रहेगाकोई भी पशुपालक, गल्ला तथा सब्जी उत्पादक किसान अपने उत्पादों को बेचने के लिए शहर नहीं लाएगा, नेता अपनी सियासत में मशगूल है  किसान की अपनी मज़बूरी है

मगर इन सब के बीच हमेशा की तरह पिसेगी आम जनता जिसे प्रातः काल बच्चों के दूध से लेकर शाम तक पेट की आग को बुझाने के लिए गांव की ओर देखना पड़ता है गांव से खाना, सब्जी, दूध, अन्न आएगा तो ही भूख मिटेगी वर्ना मोटे पैकेज की जॉब कर लाखों कमाने के बाद भी नींद आना कठिन होगा किसान  उसके महत्त्व को जानकर भी नहीं समझने के पीछे गवर्नमेंट का अपना स्वार्थ है वो सिर्फ वोट की गिनती की भाषा समझती है  विपक्ष इसे सिर्फ मुद्दा बनाना चाहता हैमगर ये मुद्दा नहीं राष्ट्र की छाती पर दशकों से गड़ा वो छुरा है, जिसे किसान का लहू पिने की आदत हो गई है पता नहीं सिलसिला कब थमेगा  

loading...