Monday , November 19 2018
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अरुण जेटली ने कांग्रेस पार्टी पर कसा तंज

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को बोला पिछले चार वर्ष में मोदी सरकरार ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ प्रशासन दिया है उन्होंने यह भी बोला कि हिंदुस्तान आज विदेशी निवेश पर निर्भर ‘पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं’ की सूची से निकलकर दुनियाभर में ‘आकर्षक गंतव्य’ बन गया हैजेटली ने केंद्र में सत्तारूढ़ राजग ‘फेसबुक’ पर अपनी टिप्पणी में ये बातें कहीं उन्होंने बोला कि अब गवर्नमेंट का ध्यान, अब तक की गई पहलों को मजबूत बनाने पर रहेगा

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देश को करप्शन मुक्त गवर्नमेंट मिली
जेटली ने लिखा इससे पहले संप्रग गवर्नमेंट के 10 वर्ष में राष्ट्र में स्वतंत्रता के बाद, सबसे भ्रष्ट गवर्नमेंटदेखने को मिली थी जेटली के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधायी और संस्थागत बदलावों के जरिये पारदर्शी प्रणालियां स्थापित की हैं जिससे इस राष्ट्र को करप्शन मुक्त गवर्नमेंट मिली है संप्रग के विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी उनकी पार्टी और देश, दोनों के स्वाभाविक नेता हैं ’ जेटली के अनुसार राष्ट्र ने अनिर्णय की स्थिति से स्पष्टता और निर्णायकता की ओर यात्रा प्रारम्भ की है

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भारत संसार में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
उन्होंने लिखा, ‘वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर हिंदुस्तान ‘उभरती निर्बल पांच अर्थव्यवस्थाओं’ की सूची से निकलकर ‘आकर्षक गंतव्य’ बन गया है नीतिगत मोर्चे पर अपंगता वाली गवर्नमेंट की स्थान फैसलों और कार्रवाई वाले प्रशासन ने ली है मंत्री का कहना है कि हिंदुस्तान संसार में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है  वह आने वाले कई वर्ष तक यहां बना रहेगा इसकी पूरी आसार है उन्होंने बोला कि राष्ट्र का ‘मूड’ निराशा से उम्मीद  आकांक्षाओं से भरा हो गया है

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पार्टी का भौगोलिक आधार बढ़ा
जेटली ने कहा, ‘बेहतर राजकाज  अच्छे अर्थशास्त्र में अच्छी पॉलिटिक्स का मिलावट हुआ है इसका परिणाम यह हुआ है कि बीजेपी को आज अधिक भरोसा है पार्टी का भौगोलिक आधार व्यापक हुआ है, सामाजिक आधार बढ़ा है  उसके जीतने की क्षमता बहुत ज्यादा बढ़ी है ’ कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए जेटली ने बोला कि पार्टी सत्ता से दूर रहकर हताश है उन्होंने बोला कि मोदी ने ऐसी प्रणाली स्थापित की है जहां ‘विवेकाधिकारों’ को खत्म कर दिया गया है

मंत्री ने कहा, ‘विवेकाधिकारों से अधिकारों के दुरुपयोग की संभावना होती है क्योंकि उनका दुरुपयोग किया जा सकता है ठेकों, प्राकृतिक संसाधनों, स्पेक्ट्रम आदि का आवंटन अब मार्केट आधारित व्यवस्था से होता है जबकि पहले उन्हें ‘विवेकाधिकारों’ पर बांटा जा रहा था ’ उन्होंने कहा, ‘कानूनों को बदला गया है उद्योगपति अब बार -बार साउथ ब्लॉक, नार्थ ब्लाक या उद्योग भवन की यात्रा करते नजर नहीं आते पर्यावरणीय मंजूरी के लिए फाइलों का ढेर नहीं लगता है ’ जेटली ने बोला कि हिंदुस्तान ने खुद को कर का अनुपालन नहीं करने वाले समाज से कर अनुपालन समाज में बदला है

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