Wednesday , November 14 2018
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सामने आया अंडरवर्ल्ड डॉन अली बुदेश

अंडरवर्ल्ड डॉन अली बुदेश ने कहा है कि भाजपा विधायकों से रंगदारी मांगने के लिए दाऊद इब्राहिम उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है। यूपी में करीब 25 भाजपा विधायकों से रंगदारी मांगे जाने के मामले में अपना नाम आने पर बुदेश ने एक न्यूज चैनल को बताया कि उसने किसी विधायक से रंगदारी नहीं मांगी है।
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बुदेश अभी दाऊद से अलग गैंग चला रहा है। बहरीन में रह रहे बुदेश ने बताया, ‘मुझे पता चला है कि मेरे नाम से भारत में रंगदारी मांगी जा रही है। यूपी सहित दिल्ली व मुंबई में भी मेरे नाम से धमकी भरे मैसेज किए जा रहे हैं।’

बुदेश ने कहा कि यह सब कुछ दाऊद इब्राहिम के इशारे पर छोटा शकील करवा रहा है। यूपी के एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया है कि जिस नंबर से धमकी भरे संदेश आ रहे हैं, वह दाऊद के एक साथी अली बुदेश के नाम पर है। यह अमेरिका के टेक्सस से भेजे जा रहे हैं।

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पांच साल से भारत में नहीं की आपराधिक गतिविधि

अली का कहना है कि बुदेश ने पिछले पांच वर्षों से भारत में कोई आपराधिक गतिविधि नहीं की है। उसकी मां मुंबई और पिता बहरीन के रहने वाले हैं और उनका वहीं पर करोबार है। इस बीच शिकायत के बाद पुलिस ने सभी विधायकों की सुरक्षा बढ़ा दी है और साइबर सेल इसकी जांच कर रही है।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ था अली बुदेश
धमकाने के लिए जिस अली बुदेश का नाम इस्तेमाल किया गया है वह कभी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ था। मुंबई में वह फिरौती मांगने का रैकेट चलाता था। उसने 90 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों को धमकी भी दी थी। 1998 में दाऊद से झगड़ा होने पर दोनों एक-दूसरे के दुश्मन हो गए।

इस समय बुदेश के बहरीन में होने की सूचना है। पिछले 8-10 वर्षों में उसकी भारत में कोई गतिविधि नहीं रही है। 2010 में काठमांडू में दाऊद इब्राहिम के तीन गुर्गों की हत्या की गई थी। उस घटना में अली बुदेश का नाम सामने आया था। बुदेश को भारत की खुफिया एजेंसियों को भी तलाश है।

एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि यूपी के 12 विधायकों के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के कुछ लोगों को भी इस तरह की धमकी भरे मेसेज मिले हैं। जिस नंबर से मेसेज आए हैं वह अमेरिका के टेक्सॉस प्रांत में लैंडलाइन के रूप में रजिस्टर है। शुरुआती जांच में पता चला कि इस नंबर पर व्हाट्सएप की सुविधा भी है। यह धमकी प्रॉक्सी आईपी एड्रेस के जरिए दी जा रही हैं।

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