Monday , June 25 2018
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खेल मंत्रालय का नया फरमान

फिट रहने के प्रति जागरूकता के लिए खेल मंत्रालय ने अनोखी पहल प्रारम्भ की है. ऑफिसर हो या चपरासी दफ्तर आने पर उन्हें अब पहले कार्य नहीं बल्कि व्यायाम करना होगा. महत्वपूर्ण नहीं है कि व्यायाम मिलकर किया जाए. कमरों या लॉबी में भी इसे अंजाम दिया जा सकता है, लेकिन मंत्रालय हो या फिर उससे जुड़ा कोई भी दफ्तर इस नयी व्यवस्था का पालन हर कर्मी को करना होगा. साई में इस आदेश का पालन करने की तैयारियां प्रारम्भ हो गई हैं.
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वहीं नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी के वैज्ञानिकों  कर्मियों ने प्रातः काल पौने दस से 10 बजे के बीच ग्रुप में व्यायाम का सिलसिला प्रारम्भ भी कर दिया है, जबकि खेल मंत्रालय में स्थान की कमी के चलते व्यायाम किस तरह प्रारम्भ किया जाए इसकी संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. फिट रहने के लिए जागरूक करने को इस तरह की अनोखी पहल राष्ट्र में इससे पहले कभी  नहीं सुनी गई.

मंत्रालय खेल का हो  उसके कोच  कर्मी ही अनफिट नजर आएं यह बात मंत्रालय के अधिकारियों को नागवार गुजरी. फिर देशवासियों को फिट रहने का संदेश देना है तो शुरूआत घर से ही क्यों नहीं की जाए. इसी को ध्यान में रख मंत्रालय ने यह आदेश निकाला है.

कर्मियों के व्यायाम की परंपरा साई से प्रारम्भ करने की बात कही गई. जब तक पूरी तरह व्यायाम की व्यवस्था नहीं बन जाती है तब तक प्रातः काल 10 से 11 बजे के बीच 10 मिनट के लिए ही सभी को अपने जगह पर ही व्यायाम करने को बोला गया. साई ने व्यायाम के लिए फिजिकल फिटनेस ट्रेनर को बुलाने की भी व्यवस्था कर ली है, लेकिन सबसे पहले बाजी एनडीटीएल ने मारी.

फिट रहने को दूर तक जाएगा संदेश 
खेल मंत्रालय के सचिव राहुल भटनागर का कहना है कि मंत्रालय राष्ट्र में फिट रहने के प्रति जागरूकता अभियान छेडना चाहती है. खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ भी यही चाहते हैं. अब जागरूकता फैलानी है तो संदेश देने के लिए शुरूआत घर से ही करनी होगी. यही कारण है साई कर्मियों से व्यायाम की व्यवस्था प्रारम्भ की जा रही है. इसके लिए किसी विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं है. कोई भी कर्मी दफ्तर में कहीं भी थोड़ा बहुत व्यायाम कर सकता है.

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