Saturday , October 20 2018
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बीटेक के छात्रा के अपहरण का मामला, तलाश में जुट गई पुलिस

बीटेक छात्रा के अपहरण के मामले में पुलिस अब धर्मांतरण और निकाह का फर्जी सर्टिफिकेट बनाने के आरोपी गवाहों और काजी की तलाश में जुट गई है। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहीं गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने छात्रा को माता-पिता के साथ रहने की इजाजत दे दी है।
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एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर काठगोदाम थानाध्यक्ष कमाल हसन के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम बीटेक छात्रा को पेश कराने के लिए लेकर दिल्ली गई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने धर्मांतरण और निकाह का जो कागजात प्रस्तुत किए। वे पुलिस की जांच में  फर्जी पाए गए।

इसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपहरण के अलावा  467, 468, 469, 471 और 120 बी के तहत धाराएं बढ़ाई गई। सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि इस मामले में फर्जी अभिलेख बनाने में आरोपी काजी नियामतुल्लाह, दो गवाह पूर्वी दिल्ली चौहान बंगर निवासी मोहम्मद जुनैद पुत्र हकीमुल्लाह और  सीलमपुर दिल्ली निवासी मोहम्मद शाहिद सैफी पुत्र समीर अहमद के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।

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ऐसे अभिलेख फर्जी पाए गए 
सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि धर्मांतरण के लिए स्थानीय इमाम या शहर काजी को अधिकार प्राप्त है। पंजीयन के बाद काजी पांच दिन का समय निर्धारित करता है। इसके बाद परिवार की राय के मुताबिक धर्म बदला जाता है। इस मामले में किसी स्थानीय काजी या परिवार की राय शामिल नहीं है। इसके अलावा निकाहनामा उर्दू में लिखा जाता है। अपहरण के आरोपी दानिश द्वारा प्रस्तुत निकाहनामा अंग्रेजी में है। इसी प्रकार कई अन्य गड़बड़ियां अभिलेखों के फर्जीवाड़े को उजागर करती है। पुलिस ने अभिलेखों की जांच में कई जानकारों की राय ली थी।

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बीटेक छात्रा के अपहरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। अपहरण के मामले में आरोपी दानिश की तरफ से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होने के बाद परिजनों के अलावा पुलिस अधिकारी भी परेशान हो गए थे। परिजन इस बात को लेकर परेशान थे कि देश की सर्वोच्च खंडपीठ के समक्ष छात्रा क्या बयान देगी। पुलिस अधिकारी हर घंटे दिल्ली गए पुलिसकर्मियों से हाल चाल पूछ रहे थे।

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