Wednesday , October 17 2018
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आज से 3 वर्ष पहले इस दिन भी आधी रात में खुली थी सुप्रीम कोर्ट

न्यायपालिका के इतिहास में बुधवार को ऐसा दूसरी बार हुआ जब आधी रात को सुप्रीम न्यायालय खोलकर सुनवाई की गई. जब राष्ट्र सो रहा तब सुप्रीम न्यायालय में दलीलों का दौर जारी था. इससे पहले साल 1993 के मुंबई सीरियल धमाके के दोषी याकूब मेमन मामले में भी सुप्रीम न्यायालय ने आधी रात को सुनवाई की थी. वह हिंदुस्तान की न्यायिक इतिहास में पहला मौका था जब सुप्रीम न्यायालय ने आधी रात को सुनवाई की थी.. 30 जुलाई, 2015 को आधी रात में यह सुनवाई हुई थी. न्यायालय नंबर चार में तीन जजों जस्टिस दीपक मिश्रा, अमिताव रॉय  जेपी पंत ने मामले पर निर्णय सुनाया था. उस समय राष्ट्र के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एचएल दत्तू थे.

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तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा याकूब की दया याचिका खारिज किए जाने के बाद प्रशांत भूषण सहित कुछ वकीलों ने उसे बचाने के लिए देर यह दांव खेला था. हालांकि, न्यायालय ने रात में ही सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया  आखिरकार याकूब को फांसी देने का रास्ता साफ हुआ था. 3.20 पर सुनवाई प्रारम्भ हुई थी  प्रातः काल 4.57 पर अंतिम निर्णय आया था.

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कर्नाटक में गवर्नर द्वारा बीजेपी को गवर्नमेंट बनाने का न्यौता देने के विरूद्ध कांग्रेस पार्टी ने देर रात को सुप्रीम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. रात 1 बजे मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के लिए 3 जजों की बेंच गठित की  2.10 बजे से सुनवाई प्रारम्भ हुई. तड़के 5.30 बजे तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम न्यायालय ने कांग्रेस पार्टी द्वारा येदियुरप्पा का शपथ रोकने की मांग को ठुकरा दिया.

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