Friday , May 25 2018
Loading...

आसमान से दिनभर बरसी आग से जनजीवन से लेकर पशु पक्षियों में मचा हाहाकार

रविवार का दिन मई माह का सबसे ज्यादा गरम दिन रहा।  सुबह आठ बजे से आसमान से दिनभर बरसी आग से जनजीवन से लेकर पशु पक्षियों में हाहाकार मच गया। सड़कों से लेकर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। भीष्ण गर्मी से बेहाल लोगों ने शीतल पेय पदार्थ पीकर राहत की सांस ली। जिसके चलते लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

Related image

इन दिनों गर्मी पूरे सबाब पर है। रविवार को सुबह से ही कड़ी धूप रही। सूरज चढ़ने के साथ गर्मी बढ़ती गई। गर्म हवाओ के साथ शुरू हुए झोंको ने आग में घी डालने का काम किया। आठ बजते बजते सड़को पर निकलना मुश्किल हो गया। नीचे सड़के तप रही थीं, तो ऊपर आसमान से आग बरस रही थी। गर्मी और धूप के कारण लोग बेहाल हो गए और छाया तलाशते देखे गए। जहां लोगों को छाया मिली, वहीं लेट कर और बैठ कर आराम फरमाने लगे, जिन जरूरत बंदो को निकलना भी था वह चेहरों को पूरी तरह से ढक कर और छाता लेकर सड़क पर निकले। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। जिस हाइवे मार्ग पर कतार बंद होकर वाहन गुजरते थे, उन सड़को पर ईक्का दुक्का वाहन गुजरते नजर आए, सड़कें वीरान हो गई, तो वहीं बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा।

बता दें कि कड़ी धूप और भीषण गर्मी के चलते आज तापमान में एकदम उछाल आ गया। अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27डिग्री सेल्यिस रिकार्ड किया गया है। जब इस तपन भरी गर्मी को लेकर राहगीर विजय शर्मा से वार्ता की गई तो विजय शर्मा ने बताया कि गर्मी से बेहाल है, प्रशासन द्वारा प्याऊ लगाए जाते थे, वो भी कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं, मात्र एकलौता साधन है, बाजार में बिकने वाला बेल पत्थर का जूस और गन्ने का जूस है, जिस पीकर गले को तर कर रहे है।

वहीं इस भीष्ण तपन भरी गर्मी और बीमारियों से बचाव के लिए जिलाअस्पताल में चिकित्सक डाॅ. दिनकर से जानकारी गई तो उन्होंने बताया कि इस भीष्ण गर्मी में बीमारी से बचने के लिए कटे गले सड्ड़े फल नहीं खाए और खुले में बिकने वाले पेय पदार्थो से बचे। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।

Loading...