Thursday , December 13 2018
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ISIS के समर्थकों को जोड़ने का आरोप

महान पर ‘सजेस्टेड फ्रेंड्स टूल्स’ के जरिये इस्लामिक स्टेट के हजारों समर्थकों को एकसाथ जोड़ने का आरोप लगा है मीडिया की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है ब्रिटिश कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका से 8.7 करोड़ उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी अनुचित तरीके से साझा करने की समाचार के बाद मार्क जुकरबर्ग की अगुवाई वाली यह कंपनी विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही है अनुसंधानकर्ताओं ने 96 राष्ट्रों में मौजूद आईएसआईएस के 1,000 समर्थकों की औनलाइनगतिविधियों का अध्ययन किया  पाया कि नियमित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामवादियों की एक-दूसरे से पहचान करायी गयी

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अमेरिकी गैर-सरकारी संगठन ( एनजीओ ) काउंटर एक्सट्रीमिजम प्रोजेक्ट ( सीईपी ) इस महीने के आखिर में इस अध्ययन का प्रकाशन करेगा अध्ययन में इस बात का खुलासा किया जा सकता है कि आईएसआईएस नेटवर्क को किस हद तक सोशल मीडिया के एल्गोरिदम से मदद मिली

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आलोचकों का कहना है कि आपसी रुझानों के आधार पर उपयोगकर्ताओं को मिलाने वाले ‘ सजेस्टेड फ्रेंड्स टूल्स ’ के जरिये आतंकवादियों को समूह बनाने  नेटवर्क विकसित करने में मदद मिलीसीईपी के अनुसंधानकर्ताओं ने जब कुछ कट्टरपंथियों की प्रोफाइल देखी तो उन्हें दोस्त बनाने के लिए फेसबुक की तरफ से कई कट्टरपंथियों के प्रोफाइल की सिफारिश की गयी अध्ययन में दावा किया गया है कि एक गैर – मुसलमान ने आईएसआईएस के एक समर्थक के मित्रता के निवेदन को स्वीकार किया, जिसके बाद वह छह माह के भीतर कट्टरपंथी बन गया

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कैम्ब्रिज एनालिटिका ने कामकाज बंद करने का ऐलान किया
फेसबुक के डेटा शेयरिंग स्कैंडल में नाम आने के बाद ब्रिटेन स्थित पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका कारोबार बंद कर रही है कंपनी पर अपने राजनीतिक क्लाइंट्स की ओर से अनुचित तरीके से व्यक्तिगत जानकारियां हासिल करने का आरोप है फेसबुक के मुताबिक, एक क्विज एप के जरिए 8.7 करोड़ लोगों के डेटा हासिल किए गए  बाद में इन्हें राजनीतिक कंसल्टेंसी को सौंप दिया गया बीबीसी के मुताबिक, फेसबुक का कहना है इस मामले में उनकी जांच जारी रहेगी फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, “इससे असल में क्या हुआ था, यह समझने के लिए हमारी प्रतिबद्धता  दृढ़ता में कोई परिवर्तन नहीं होगा  हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो ” उन्होंने कहा, “हम जांच के लिए संबद्ध प्रशासन के साथ योगदान देना जारी रखेंगे ”

कैम्ब्रिज एनालिटिका के प्रवक्ता क्लेंरेस मिशेल ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में बीबीसी का उल्लेख करते हुए कहा, “पिछले कई महीनों में कैम्ब्रिज एनालिटिका पर कई तरह के आरोप लगे हैं कंपनी अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के प्रयासों के बावजूद उन गतिविधियों को लेकर बदनामी झेल रही है, जो न सिर्फ वैध हैं बल्कि राजनीतिक  व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में औनलाइन एडवरटाईजमेंटके घटक के रूप में स्वीकार्य भी है ”

बयान के मुताबिक, “कैम्ब्रिज एनालिटिका के इस विश्वास के साथ कि उनके कर्मचारियों ने नैतिकता  वैलिडिटी के साथ कार्य किया है, इस तरह की निगेटिव मीडिया कवरेज से कंपनी के ग्राहक  सप्लायर्स हमसे दूर चले गए परिणामस्वरूप, हम अधिक समय तक कारोबार जारी नहीं रख सकते ” बयान में यह भी बोला गया कि कैम्ब्रिज एनालिटिका की पेरेंट कंपनी एससीएल इलेक्शंस दिवालिया हो गई है  उसकी दिवालिया प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है ब्रिटेन की राजनीतिक सलाहकार कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका करीब 8.7 करोड़ फेसबुक प्रयोगकर्ताओं के डेटा का प्रयोगबिना उनकी जानकारी के करने के लिए विवादों के घेरे में आई थी

ट्विटर ने भी कैंब्रिज एनालिटिका के शोधकर्ताओं को डेटा बेचा
संडे टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैंब्रिज एनालिटिका के लिए टूल्स बनाने वाले एलेक्सेंडर कोगन ने 2015 में माइक्रोब्लागिंग वेबसाइट से डेटा खरीदे थे कोगन ने ग्लोबल साइंस रिसर्च (जीएसआर) की स्थापना की थी इस इकाई को ट्विटर के आंकड़े प्राप्त हो जाते थे कोगन का कहना है कि उन्होंने इस सूचना का प्रयोग सिर्फ ‘ब्रैंड रिपोर्ट’ तैयार करने  ‘सर्वे एक्सटेंडर टूल्स’ के लिए किया  ट्विटर की नीतियों का कतई उल्लंघन नहीं किया रिपोर्ट में बोला गया है कि कोगन ने दिसंबर, 2014 से अप्रैल, 2015 के दौरान ट्विटर से ट्वीट, प्रयोगकर्ता के नाम, फोटो, प्रोफाइल तस्वीर  गंतव्य संबंधी डाटा खरीदे

5.6 लाख से ज्यादा इंडियन उपभोक्ताओं के डाटा में सेंध : फेसबुक
एक व्यक्तिगत मार्केटिंग कंपनी द्वारा 5.6 लाख से ज्यादा इंडियन फेसबुक उपभोक्ताओं के व्यक्तिगत डाटा से समझौता किया गया इस व्यक्तिगत मार्केटिंग कंपनी ने बाद में व्यक्तिगतजानकारियों को कैंब्रिज एनालिटिका को बेच दी कैंब्रिज एनालिटिका ब्रिटेन स्थित एक कंपनी है जो वैश्विक गोपनीयता उल्लंघन में फंसी है

सोशल मीडिया की महान कंपनी ने बीते 5 अप्रैल को हिंदुस्तान गवर्नमेंट को एकाउंट के बारे में सूचित किया सोशल मीडिया कंपनी यह सूचना उपभोक्ता डाटा में सेंधमारी को लेकर दी गई नोटिस और फेसबुक से सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यक्तिगत डाटा का दुरुपयोग रोकने को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी को लेकर दी थी

562,455 उपभोक्ताओं के डाटा में सेंधमारी
फेसबुक के एक प्रवक्ता ने बोला कि हिंदुस्तान में 335 फेसबुक उपभोक्ताओं द्वारा एक क्विज एप ‘दिसइजयोरडिजिटललाइफ’ नवंबर 2013 से दिसंबर 2015 के बीच इंस्टॉल करने के बाद 562,455 उपभोक्ताओं के डाटा में सेंधमारी हुई व्यक्तिगत मार्केटिंग कंपनी ने लोगों की जानकारियां एक क्विज एप से जुटाईं थीं

यह रिएक्शन फेसबुक के मुख्य प्रौद्योगिकी ऑफिसर माइक श्रोएफर के एक ब्लॉग पोस्ट में यह कहे जाने के बाद आई है कि डाटा में सेंधमारी से लोगों का कंपनी पर से विश्वास टूटा है श्रोएफर ने लिखा, “हमारा मानना है कि फेसबुक का अमेरिका के कुल 8.7 करोड़ से ज्यादा लोगों का डाटा कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ अनुचित तरीके से साझा किया गया ”

भारत में 335 लोगों ने एप को किया इंस्टॉल
इस एप को कैंब्रिज विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान के शोधकर्ता एलेक्सेंडर कोगन और उनकी कंपनी ग्लोबल साइंस रिसर्च ने विकसित किया था इस एप ने न सिर्फ 335 उपभोक्ताओं बल्कि उनके दोस्तों के साथ दोस्तों के दोस्तों का डाटा भी निकाल लिया था हिंदुस्तान में 335 लोगों ने इस एप को इंस्टॉल किया था, जो कि संसार भर में इंस्टाल किए गए का 0.1 प्रतिशत था लेकिन यह सूचना एप को इंस्टाल करने वाले लोगों तक सीमित थी, जिहोंने इसे 2013 से दिसंबर 2015 इंस्टाल किया था

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