Wednesday , September 19 2018
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उत्तर प्रदेश समेत 4 राज्यों में फिर आंधी-तूफान का खतरा

यूपी समेत चार राज्यों में शनिवार को फिर आंधी-तूफान का खतरा मंडरा रहा है. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने यूपी, पश्चिम बंगाल, ओडिशा  बिहार के लिए ताजा चेतावनी जारी की है.
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उधर मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है. कहीं, कहीं पर ओले भी पड़ सकते हैं. इससे पहले, केंद्रीय गृहमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, राजस्थान के कई इलाकों में धूल भरी आंधी  तूफान आ सकता है.

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़  दिल्ली, पंजाब, बिहार, झारखंड, सिक्किम, ओडिशा, मध्य प्रदेश का उत्तर पश्चिम के इलाके, तेलंगाना, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट, तमिलनाडु के मध्य  केरल में आंधी-तूफान का खतरा है. इसके अतिरिक्त असम मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में अलग-अलग इलाकों में भी तेज आंधी-तूफान भारी बारिश का खतरा है.

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पिछले दो दिन में आंधी-तूफान  बिजली गिरने से पांच राज्यों में 124 लोगों की मौत हो चुकी है.400 लोग घायल भी हुए हैं. सबसे ज्यादा नुकसान यूपी में हुआ है. यहां 73 लोगों की जान चली गई जबकि 91 घायल हो गए. सबसे ज्यादा मौतें आगरा एरिया में हुई हैं.

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राजस्थान में 35 लोग मारे गए जबकि 206 लोग घायल हुए हैं. तेलंगाना में 8, उत्तराखंड में छह पंजाब में दो लोगों की जान गई. इन तीनों राज्यों में करीब 100 लोग घायल भी हुए हैं. तेज आंधी के चलते कई इलाकों में पेड़ उखड़कर बिजली की लाइनों पर गिर गए. पिछले दो दिन में प्रभावित राज्यों में बिजली के 12,000 खंभे उखड़ गए जबकि 2,500 ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है.

10 दिन से कार्य नहीं कर रहाथा जयपुर में लगा डोपलर रडार

जयपुर के मौसम विभाग के कार्यालय में लगा डोपलर रडार उत्तर प्रदेश  राजस्थान में तबाही मचाने वाली धूल भरी आंधी के दौरान कार्य नहीं कर रहा था. इसे मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए सबसे अहम उपकरण माना जाता है.

इंडियन मौसम विभाग के अलावा महानिदेशक देवेंद्र मुख्य के अनुसार, फिनलैंड की कंपनी वैशाला का बना यह डोपलर रडार 10 दिन से तकनीकी खराबी के चलते बंद है. कंपनी के इंजीनियर यहां पहुंचे हैं. अगले दो-तीन दिन में इसे दुरुस्त कर लिया जाएगा.

उन्होंने बताया कि फिल्हाल 29 अप्रैल से दिल्ली के रडार का प्रयोग किया जा रहा है. अगर जयपुर का रडार कार्य कर रहा होता तो हम आंधी-तूफान को लेकर  सटीक भविष्यवाणी करने की स्थिति में होते.

देशभर में लगे हैं 27 डोपलर रडार
मुख्य ने बताया कि इस समय राष्ट्र में 27 डोपलर रडार लगे हैं. इनमें से जयपुर  कराईकल का रडार कार्य नहीं कर रहा है. डोपलर रडार के अतिरिक्त मौसम विभाग मौसम की सही भविष्यवाणी के लिए सैटेलाइटों  वेधशालाओं पर निर्भर करता है.

एक डोपलर रडार की मदद से ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, हवाओं की गति का सही अंदाजा लगाया जा सकता है. इस मिली जानकारी के आधार पर दो-तीन घंटे के लिए अलर्ट जारी किया जा सकता है. यह आपदा प्रबंधन के लिए एक जरूरी उपकरण है.

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