Tuesday , September 25 2018
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डीयू में फर्जी दाखिले पर सख्ती

दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने हर वर्ष किसी न किसी कॉलेज में होने वाले फर्जी दाखिलों को लेकर कठोर रुख अपनाया है. एक वरिष्ठ ऑफिसर ने बताया कि खेल, आरक्षित वर्ग  अन्य प्रकार के प्रमाणपत्रों की जांच कॉलेज स्तर पर फोरेंसिक विशेषज्ञ से कराई जाएगी. इसमें कहीं भी गड़बड़ी पाई जाती है तो इसके लिए कॉलेज ही जिम्मेदार होंगे.

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डीयू के कुछ कॉलेज फर्जीवाड़े से बचने के लिए पहले से ही फोरेंसिक विशेषज्ञ से जांच कराते हैं. डीयू का यह फैसला कॉलेज प्रबंधन को रास नहीं आ रहा है. स्नातक में दाखिले के समय प्रमाणपत्रों की जांच को लेकर कॉलेजों के प्रधानाचार्य एकमत नहीं हैं. प्रिंसिपलों का कहना है कि इसके लिए आर्थिक समस्या तो होगी ही साथ ही सैकड़ों फोरेंसिक विशेषज्ञ कहां से मिलेंगे. हालांकि एकप्रिंसिपल का कहना है इसे जरूरी नहीं बल्कि ऐच्छिक बनाया जाना चाहिए  फैसला कॉलेजों पर छोड़ देना चाहिए.

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साउथ कैंपस के एक कॉलेज के प्रधानाचार्य का कहना है कि इस तरह के आदेश की जानकारी हमें मीडिया से मिली है. इसके लिए पैसा कहां से आएगा विश्वविद्यालय ने इस बारे में नहीं बताया है. यदि विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच फोरेंसिक विशेषज्ञ से कराना जरूरी हो गया तो हम स्टूडेंट सोसाइटी का पैसा खर्च करेंगे.

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एक अन्य कॉलेज के प्रधानाचार्य का कहना है कि डीयू ने फोरेंसिक विशेषज्ञ के लिए बोला तो है लेकिन इतनी संख्या में विशेषज्ञ कहां से आएंगे. सभी 60 कॉलेजों तीन सौ से अधिक फोरेंसिक विशेषज्ञ चाहिए. क्या राजधानी में इतने विशेषज्ञ होंगे. इसलिए यह निर्णय कॉलेजों पर छोड़ देना चाहिए.

आरक्षित वर्ग और पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के लिए स्पेशल सेल

डीयू में पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों को दाखिला को लेकर होने वाली कठिनाई को ध्यान में रखते हुए नॉर्थ-ईस्ट स्पेशल सेल बनाने की बात कही है. पूर्वोत्तर के विद्यार्थियों के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा. इस विषय में पूर्वोत्तर राज्यों में कॉलेजों के प्रधानाचार्य को भी लेटर लिखा जाएगा. डीयू की दाखिला समिति ने पहले ही स्पष्ट किया है कि आरक्षित वर्ग में निर्धारित कोटे से कम दाखिला होता है, इसलिए उनके लिए स्पेशल अभियान चलाया जाएगा ताकि सीटें भरी जा सकें.

प्रमाणपत्र कर लें तैयार

डीयू प्रशासन ने विद्यार्थियों से बोला है कि सीबीएसई का इम्तिहान परिणाम नहीं आने के कारण वे अंकपत्र को छोड़कर शेष प्रमाणपत्र तैयार कर लें, ताकि आवेदन के समय उन्हें समय से अपलोड कर सकें.

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