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1992 में 10वीं में 86% बच्‍चे हो गए थे फेल

यूपी बोर्ड के 10वीं  12वीं इम्तिहान के नतीजे रविवार (29 अप्रैल) को घोषित हो रहे हैंहालांकि पहले दोनों कक्षाओं का परिणाम अलग-अलग घोषित करने का इरादा था लेकिन बाद में बोर्ड ने इन्‍हें एकसाथ घोषित करने का ऐलान किया इस वर्ष परीक्षाओं में नकल  फर्जी परीक्षार्थियों को रोकने के लिए कई बंदोवस्त किए गए थे ऐसी सख्‍त ढाई दशक पहले भी हुई थी जब उत्तर प्रदेशमें नकल अध्‍यादेश लागू हुआ था उस समय उत्तर प्रदेश में कल्‍याण सिंह की गवर्नमेंट थी नकल करते सैकड़ों विद्यार्थी पकड़े गए थे 10वीं में सिर्फ 14.7 प्रतिशत बच्‍चे पास हुए थे जबकि 12वीं में 30.4 प्रतिशत बच्‍चे उस वर्ष 10वीं पास विद्यार्थी ढूंढे नहीं मिल रहे थे कई स्‍कूलों में एक भी विद्यार्थीपास नहीं हो पाए थे

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1993 का चुनाव पराजय गई थी भाजपा
नकल अध्‍यादेश लाने के निर्णय पर ततकालीन मुख्यमंत्री कल्‍याण सिंह  उस समय गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह की एजुकेशन जगत में बहुत ज्यादा तारीफ हुई थी हालांकि इससे गवर्नमेंट को नुकसान पहुंचा था 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने जनता से वादा किया कि उनकी गवर्नमेंट आई तो इस अध्‍यादेश को खत्‍म कर देंगे हुआ भी वैसा ही मुलायम बीएसपी के साथ मिलकर साझेदारी गवर्नमेंट बनाने में पास हुए थे  उन्‍होंने अध्‍यादेश को हटा दियाइसमें राजनाथ सिंह विधानसभा चुनाव तक पराजय गए थे

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11 लाख विद्यार्थियों ने छोड़ दी थी 2018 में परीक्षा 
इस वर्ष उत्तर प्रदेश बोर्ड इम्तिहान में सख्‍ती के कारण ही करीब 11 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने इम्तिहान बीच में ही छोड़ दी थी हालांकि 10वीं-12वीं इम्तिहान में 66.37 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे हालांकि तब  अब के नियमों में बहुत ज्यादा फर्क है पहले हाईस्कूल के छह विषयों में से किसी एक में फेल होने पर परीक्षार्थी को फेल घोषित कर दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है

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1997 में फिर लागू हुआ था इस अध्‍यादेश जैसा कानून
भारतीय एक्‍सप्रेस की समाचार के मुताबिक 1997 में जब कल्‍याण सिंह गवर्नमेंट बीएसपी के साथ साझेदारी में सत्‍ता में दोबारा आई तो फिर को लागू किया यह नकल अध्‍यादेश से मिलता-जुलता कानून था इसमें कक्ष निरीक्षक को नकल करने वाले विद्यार्थियों को अरैस्ट करने का अधिकार दिया गया था उस वर्ष भी पास फीसदी गिर गया था तब 10वीं में सिर्फ 28.1 प्रतिशत जबकि 12वीं में 55.3 प्रतिशत बच्‍चे पास हुए थे

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