Wednesday , September 19 2018
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बाप-दादा करते थे दर्जी का काम

लहरों से भय कर नौका पार नहीं होती, प्रयास करने वालों की पराजय नहीं होती इस कविता को असल जिंदगी में केरल के कोल्लम के रहने वाले 27 वर्ष के जस्टिन फर्नांडीज ने हकीकत साबित करके दिखाया है. दरअसल फर्नांडीज एक दर्जी के बेटे हैं  उनका बचपन बहुत ही कठिनाइयों में गुजरा है, इसके बावजूद उन्होंने कभी पराजय नहीं मानी. अपनी कड़ी मेहनत  लगन के दम पर उन्हें पहली जॉब 19 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर हासिल की.
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जस्टिन को आईआईएम नागपुर के कैम्पस प्लेसमेंट में अब तक का सबसे ज्यादा सैलरी पैकेज मिला है. आईआईएम नागपुर में पढ़ने वाले जस्टिन को हैदराबाद की वैल्यू लैब द्वारा एसोसिएट डायरेक्टर पद के लिए 19 लाख रुपए का सालाना पैकेज का ऑफर दिया गया है.
जस्टिन ने बताया कि उनके परिवार की सालाना इनकम पचास हजार रुपए थी  खाने के लिए सरकारी राशन पर निर्भर रहा करता था. अगर मेरे पीछे एक आंटी का हाथ न होता तो शायद मैं इस मुकाम तक न पहुंच पाता. उन्होंने बोला कि मेरी आंटी बोला करती थी कि सिर्फ एजुकेशन के जरिए ही उनकी  परिवार की स्थिति सुधर सकती है. आंटी ने 12वीं तक मेरी पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई.

जस्टिन ने बोला 12वीं के बाद मैं त्रिवेंद्रम के सरकारी इंजिनीयरिंग कॉलेज से बीटेक में स्कॉलरशिप मिलने से मेरी जीवन बेहतर होती चली गई. आईआईएम नागपुर में दाखिला लेने से पहले दो वर्ष तक जस्टिन ने एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्य किया था. जस्टिन आईआईएम कोझिकोड से एमबीए करना चाहते थे, लेकिन वह पहले अटेम्पट में दाखिला नहीं ले पाए.

जस्टिन ने बोला कि उनकी आयु निकलती जा रही थी, इसलिए उन्होंने आईआईएम नागपुर में दाखिला लिया. यहां अपनी लगन  मेहनत से जस्टिन ने इतना बड़ा पैकेज हासिल किया कि आज सभी को उन पर नाज है.
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