Friday , September 21 2018
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95% आबादी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर

बोस्टन: और प्रदूषण के कारण मौत के मुंह में जाने वाले विश्वभर के कुल लोगों में से करीब आधे हिंदुस्तान  चाइना से होते हैं अनुसंधान में पाया गया कि प्रदूषण से गरीब समुदाय बहुत अधिक प्रभावित होता है इसके साथ ही सर्वाधिक प्रदूषण  सबसे कम प्रदूषण वाले राष्ट्रों के बीच अंतर तेजी से बढ़ रहा है शहरों में रहने वाले अरबों लोग असुरक्षित हवा में जी रहे हैं जबकि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग ठोस ईंधन जलाए जाने के कारण घर के भीतर वायु प्रदूषण का सामना करते हैं

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स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर रिपोर्ट के मुताबिक पूरी संसार में तीन में से एक आदमी घर के भीतर  बाहर असुरक्षित हवा में सांस ले रहा है अमेरिका में हैल्थ इफैक्ट्स इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने उपग्रह से प्राप्त नए डेटा की मदद से उन लोगों की संख्या के अनुमान का प्रयोग किया जो विश्व सेहत संगठन द्वारा वायु प्रदूषण के सुरक्षित माने जाने वाले स्तर से अधिक स्तर के प्रदूषण में जी रहे हैं   वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए पर्यावरण संबंधी सबसे बड़ा जोखिम है  विश्वभर में होने वाले मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण है

भारत संसार के सबसे प्रदूषित राष्ट्रों में से एक
हिंदुस्तान संसार के सबसे प्रदूषित राष्ट्रों में से एक है  वायु प्रदूषण को हिंदुस्तान की स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा ख़तरा माना जाता है University of Chicago के The Energy Policy Institute ने Air Quality Life Index के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है इस रिपोर्ट में बोलागया है, कि अगर हिंदुस्तान World Health Organisation के मानकों के मुताबिक वायु प्रदूषण घटाने पर कार्य करे तो पूरे राष्ट्र के लोगों की जीवन औसतन चार वर्ष बढ़ सकती है जबकि राष्ट्रीय मानकों का पालन करने परपूरे राष्ट्र के लोग औसतन 1 वर्ष ज़्यादा ज़िंदा रह सकते हैं हिंदुस्तान की जनसंख्या करीब 133 करोड़ है  ऐसे में हमारे राष्ट्र के हर आदमी की आयु अगर औसतन 4 वर्षबढ़ जाए  तो कुल मिलाकर 532 करोड़ साल का जीवनकाल बढ़ जाएगा ये बहुत बड़ा  लंबा समय है

देश की राजधानी दिल्ली अगर WHO के मानकों का पालन करेतो यहां रहने वाले लोग नौ वर्षज़्यादा जी सकते हैं जबकि, दिल्ली में वायु प्रदूषण से जुड़े हुए राष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाएतो लोगों की आयु 6 वर्ष बढ़ सकती है इस रिपोर्ट में राष्ट्र के 50 सबसे प्रदूषित ज़िलों का पूरा कच्चा-चिट्ठा दिया गया है  बोला गया है, कि अगर ये सभी ज़िले वायु प्रदूषण को लेकर WHO राष्ट्रीय मानकों का पालन करेंतो वहां रहने वाले लोगों की आयु बढ़ जाएगी इसमें दिल्ली का नाम तो है ही साथ ही आगरा, बरेली, लखनऊ, कानपुर, मुज़फ़्फ़रपुर, सीतापुर, पटना  आज़मगढ़ जैसे कई शहरों  ज़िलों के नाम भी हैं हिंदुस्तान के राष्ट्रीय मानकों का पालन करने पर इन ज़िलों में रहने वाले लोगों की आयु साढ़े तीन वर्ष से लेकर 6 वर्ष तक बढ़ सकती है

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