Friday , November 16 2018
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दोगुने हुए संगठनों को टार्गेट बनाकर होने वाले साइबर हमले

वैश्विक स्तर पर साइबर सुरक्षा उल्लंघन के मामले 30 प्रति वर्ष के स्तर पर आ गए हैं. यह इशारा हैं कि साइबर रेसिलेंस (साइबर लचीलापन) में सुधार के लिए नयी तकनीकों के प्रयोग किए जाने की जरूरत है. एसेंचर की ओर से किए गए ताजा अध्ययन के मुताबिक संगठन आधारित साइबर हमलों की संख्या इस वर्ष दोगुनी हो गई है. यह आकड़ा बीते 12 महीनों के मुकाबले ज्यादा है.

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साल 2018 की स्टेट ऑफ साइबर रेसिलेंस स्टडी में एसेंचर ने 15 राष्ट्रों में 1 अरब डॉलर या इससे अधिक के वार्षिक राजस्व वाली कंपनियों के 4,600 एंटरप्राइजेज के सिक्योरिटी प्रेक्टिशनर के बीच सर्वेक्षण किया. इस सर्वे में सामने आया है कि जनवरी 2018 तक 232 साइबर हमले हुए हैं, जनवरी 2017 में यह आंकड़ा 106 का रहा था. इसमें बोला गया है कि विश्व भर के संगठनों ने अपनी सुरक्षा को बढ़ाया है  87 फीसद संगठन केंद्रित हमलों को रोकने का कार्य किया है, जबकि वर्ष 2017 के दौरान 70 संगठन केंद्रित हमलों को रोकने में कामयाबी पायी गई थी.

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हालांकि इनमें से 13 फीसद संगठन आधारित हमलों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. वहीं वैश्विक स्तर पर संगठन हर वर्ष 30 पास साइबर हमलों का सामना कर रहे हैं जिससे उच्च मूल्य वाली परिसंपत्तियों के नुकसान हो रहा है. जरूरी प्रगति के बावजूद, पांच कंपनियों में से केवल दो कंपनियां ही मशीन ट्रेनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई)  ऑटोमेशन (स्वचालन) जैसी तकनीक में निवेश कर रही हैं. यह इस बात का इशारा है कि अभी भी साइबर रेजिलेंट साल्यूशन के मोर्चे पर अभी  निवेश बढ़ाए जाने की आवश्यकता है.

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