Monday , July 16 2018
Loading...

नहीं मिला फसल का भाव तो खेत में छोड़ दी भेड़-बकरियां

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिरसगांव के एक किसान ने विरोध का अनूठा उपाय अपनाया है.किसान ने उगाई थी जिसका उसे उचित भाव नहीं मिल रहा था. जिससे परेशान होकर उसने अपने एक एकड़ खेत में भेड़-बकरियां छुड़वा दीं. किसान का नाम नितिन गवारे है. इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि किसान ने इसके लिए बकायदा अखबारों में निमंत्रण देकर गांव के लोगों को इस बर्बादी का साक्षी बनने का न्यौता दिया था.
 Image result for नहीं मिला फसल का भाव तो खेत में छोड़ दी भेड़-बकरियां

जब गांव वाले पहुंचे तो किसान ने पहले बैंड बजाया  फिर रिबन काटकर भेड़  बकरियों को खेत में चरने के लिए छोड़ दिया. नितिन का कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से खेती कर रहे हैं  इस बार भी उन्होंने अपने एक एकड़ खेत में लगाई थी. फसल की बुवाई में उन्होंने 60 हजार रुपए का खर्चा किया था. फसल लगने के बाद टमाटर तोड़ने के लिए उन्होंने मजदूरों को 600 रुपए की मजदूरी दी थी.इसके बावजूद मार्केट में उन्हें टमाटर का भाव केवल एक रुपए प्रति किलो मिला. जिसकी वजह से वह परेशान हो गए.

Loading...

किसान का मानना है कि मार्केट तक टमाटर ले जाने से अच्छा था कि खेत में मवेशियों को छोड़ दिया जाए. इसी वजह से उन्होंने ऐसा किया  बकायदा लोगों को यह नजारा देखने के लिए आमंत्रित किया.

जब पुलिस को नितिन के इस विरोध के बारे में पता चला तो वह मौके पर पहुंची. पुलिस ने उन्हें खेत में मवेशी छोड़ने से रोका. हालांकि इसके बाद भी वह पीछे नहीं हटे  बकरियों को खेत में छोड़ दिया.टमाटर के उचित भाव ना मिलने से केवल नितिन ही नहीं बल्कि कई परेशान नाराज हैं.

मध्यप्रदेश में नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 2 रुपए प्रति किलो टमाटर का भाव मिलने से नाराज किसानों ने उसे सड़क पर फेंक दिया. इस मामले पर किसान संगठनों का कहना है कि किसानों को टमाटर उगाने में जो खर्च आता है उसे वह भी नहीं मिल रहा है.

Loading...