Saturday , September 22 2018
Loading...
Breaking News

बिना पंडितों से पूछे भी कर सकते हैं शुभ कार्य

अक्षय तृतीया बुधवार के दिन यानी कि 18 अप्रैल को पड़ रही है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन किये गए दान पुण्य  खरीदी गई चीज का कभी क्षय नहीं होता है. पंडितों का कहना है कि अगर महिलाएं अक्षय तृतीया पर कपड़ा सिंगार का सामान अथवा ज्वेलरी आदि महालक्ष्मी पर अर्पण करके पहनती हैं तो उन्हें लक्ष्मी जी जैसा सौभाग्‍य प्राप्त होगा. वैसे किसी भी दिन खरीदी गई किसी भी चीज का प्रयोगकरने से पहले ईश्वर लक्ष्मी नारायण चढ़ाने से वह चीज अक्षय रहती है, परंतु अक्षय तृतीया का विशिष्‍ट महत्‍व माना जाता है.

Image result for बिना पंडितों से पूछे भी कर सकते हैं शुभ कार्य

दान पुण्‍य का महत्‍व

Loading...

शास्त्रों के अनुसार इस दिन से सतयुग  त्रेता युग का शुरुआत माना जाता है इसलिए इस दिन किया गया दान पुण्य, स्नान, होम, ज्ञान आदि अक्षय हो जाता है. इस दिन गंगा स्नान अवश्य करना चाहिए, पापों से मुक्त हो जाना चाहिए. इस दिन स्वर्गीय आत्मा की सांत्‍वना के लिए घड़ी, पंखे, चावल दाल, नमक, चीनी, कपड़ा और मौसमी फल जैसे ककड़ी, खरबूजे आदि खरीद कर उनका दान करना चाहिए. इस दिन ईश्वर विष्णु की पूजा का महत्व है. मान्‍यता है कि इस मौका पर चीनी, चावल, दूध, दही, घी, शहद  चीनी आदि का चांदी या अपनी सामर्थ्य के अनुसार धातु के बर्तन में ईश्वर कृष्ण के निमित्त दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है

loading...

नारायण  लक्ष्‍मी की पूजा

अक्षय तृतीया के दिन पूजा करते समय ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को गौरी मां की पूजा से गरीबी की समाप्ति भी होती है, इसलिए इस दिन श्रद्धा  विश्वास के साथ पार्वती जी का पूजन करें. इसके अतिरिक्त अक्षय तृतीया से ही चारों धामों में प्रमुख श्री बद्री नारायण जी के पट खुलते हैं. इस दिन भक्तों को श्री बद्री नारायण जी के चित्र को सिंहासन पर रखकर मिश्री तथा भीगे हुए चने की दाल का भोग लगाना चाहि. साथ ही पूरी श्रद्धा से तुलसी जी की भी पूजा और आरती करनी चाहिए. वृंदावन में वर्ष में केवल इसी दिन श्री बिहारी जी के चरण पादुका के दर्शन भक्तों को मिलते हैं.

अबूक्ष मुहूर्त

यदि आप किसी अन्‍य सामग्री का दान नहीं कर पा रहे तो सिर्फ जल ही दान करा सकते हैं. पुराणों के अनुसार इस दिन किया गया दान पुण्य  खरीददारी का कभी क्षय नहीं होता. कहते हैं आज ही के दिन त्रेता युग का शुरुआत हुआ था. इंडियन ज्योतिष में मंगल कार्यों के लिए ये अबूझ मुहूर्त है. यानि इस दिन शादी काम की शुरुआत, ग्रह प्रवेश, ग्रह आरंभ, के अतिरिक्त किसी भी नवीन काम की शुरूआत बगैर किसी पंडित  ज्‍योतिष के द्वारा पूछे भी कर सकते हैं. इस दिन शिव मंदिरों में जल से भरा कलश शिवलिंग के ऊपर रखें  खरबूजा चढ़ायें. सौभाग्यवती स्त्रियां माता गौरी की पूजा करें इस दिन लक्ष्मी नारायण को नवीन चीज को अर्पित करके ही इस्तेमाल करें.

Loading...
loading...