Wednesday , April 25 2018
Loading...

सिख व ईसाइयों के विरूद्ध हिंसा जारी

इस्लामाबाद : पाक में हिन्दू, ईसाई, सिख, अहमदिया  हजारा जैसे मजहबी अल्पसंख्यकों पर हिंसक हमले जारी हैं एक स्वतंत्र निगरानी समूह की रिपोर्ट में उन पर जुल्म के मुद्दे से निटपने में विफल रहने पर गवर्नमेंट की आलोचना भी की गई है मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ ह्यूमन राइट्स इन 2017’ की वार्षिक रिपोर्ट को जारी करने के मौके पर बोला कि पाक में लोगों का गायब होना जारी है कई बार वे इसलिए लापता हो जाते हैं कि राष्ट्र की ताकतवर सेना की आलोचना करते हैं या कुछ बार वह पड़ोसी हिंदुस्तान के साथ बेहतर ताल्लुकात की पैरवी करते हैं

Image result for सिख व ईसाइयों के विरूद्ध हिंसा जारी

आयोग ने अपनी रिपोर्ट को दिवंगत कार्यकर्ता असमा जहांगीर को समर्पित किया है वह मानवाधिकारों की बड़ी हिमायती थीं उनका फरवरी में इंतकाल हो गया था आयोग ने लापता होने  न्यायेत्तर हत्याओं के बढ़ते मामलों तथा सैन्य अदालतों के अधिकार एरिया में विस्तार को भी रेखांकित किया है

मानवाधिकार आयोग ने कहा, ‘ईश-निंदा के झूठे आरोप  हिंसा करना, कई बच्चों के खतरनाक हालत में श्रम में शामिल होना, स्त्रियों के विरूद्ध हिंसा का जारी रहना पिछले वर्ष की चिंताजनक घटनाएं रहीं ’ इसने कहा, ‘आतंकवाद से संबंधित मौतें भले ही कम हुई हों, लेकिन धार्मिक अल्पसंख्यक  कानून प्रवर्तक एजेंसियों के सरल लक्ष्य हिंसा का दंश झेल रहे हैं ’

यह भी पढ़ें:   सबसे ज्यादा समय तक प्रिंस की पदवी रखने वाले ने बनाया यह रिकॉर्ड

ईश – निंदा कानून बना आफत
इसने बोला कि पत्रकारों  ब्लॉगरों को लगातार धमकियां मिल रही हैं, उन पर हमले हो रहे हैं  उनका अपहरण हो रहा है लेकिन भगवान – निंदा कानून ने लोगों को चुप रहने पर मजबूर कर दिया है लोगों के सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों को असहनशीलता  चरमपंथ ने सीमित कर दिया है

Loading...
loading...

296 पन्नों की रिपोर्ट में बोला गया है कि उस वर्ष में जब विचार, विवेक  धर्म की आजादी को लगातर दबाया गया, नफरत  कट्टरता को बढ़ाया गया तथा सहनशीलता  भी कम हुई, लेकिन गवर्नमेंट अल्पसंख्यकों पर जुल्म के मुद्दे से निपटने में अप्रभावी रही  अपने कर्तव्यों को पूरा करने में नाकाम रही आयोग ने बोला कि ईसाई, अहमदिया, हजारा, हिन्दू  सिख जैसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के विरूद्ध हिंसा में कोई कमी नहीं आई वे सभी हमलों की चपेट में आ रहे हैं

हिन्दुओं की आबादी 70 लाख
इसमें बोला गया है कि धार्मिक अल्पसंख्यकों की आबादी कम हो रही है पाक की स्वतंत्रता के वक्त राष्ट्र में अल्पसंख्यकों की आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा थी 1998 की जनगणना के मुताबिक यह संख्या घटकर अब तीन फीसदी से थोड़ी ज्यादा है रिपोर्ट में बोला गया है कि अगर हिन्दुओं के साथ भेदभाव जारी रहा तो हिंदुस्तान में उनका प्रवास जल्द पलायन में बदल सकता है  मजहब के नाम पर पंथ आधारित हिंसा जारी है  गवर्नमेंट हमलों  भेदभावों से अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने में विफल रही है चरमपंथी पाक के लिए विशिष्ट इस्लामिक पहचान बनाने पर अमादा हैं  ऐसा लगता है उन्हें पूरी छूट दी गई है पाक में हिन्दुओं की आबादी करीब 70 लाख है  यह पाक का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है

रिपोर्ट में बोला गया है कि सिंध में हिन्दू असहज हालत में रहने को मजबूर है हिंदुस्तान के साथ उनके कथित संबंध ने पाक में अन्य किसी अल्पसंख्यक समुदाय की तुलना में उनके ज़िंदगी को कठिन बना दिया है उनके प्रतिनिधियों के मुताबिक, समुदाय की सबसे बड़ी चिंता जबरन धर्मांतरण है अधिकांश युवतियों का जबरन धर्मांतरण होता है

रिपोर्ट में बोला गया है कि लड़कियों को अगवा कर लिया जाता है उनमें से अधिकांश नाबालिग होती हैंउनको जबरन इस्लाम में धर्मांरित किया जाता है  फिर मुस्लिम आदमी से विवाह कर दी जाती है

Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
यह भी पढ़ें:   वियतनाम के उप विदेश मंत्री ने सुषमा स्वराज से की मुलाकात
Loading...
loading...