Monday , July 16 2018
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RSS चीफ मोहन भागवत बोले – एयर इंडिया का विनिवेश हो

मुंबई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को बोला कि एयर इंडिया का विनिवेश हो लेकिन इसका स्वामित्व उसी इंडियन कंपनी को दिया जाए, जो दक्ष तरीके से इसे चलाने में सक्षम है उल्लेखनीय है कि गवर्नमेंट ने कर्ज के बोझ से दबी राष्ट्रीय एयरलाइन की बिक्री की प्रक्रिया प्रारम्भ की है

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‘नया आपरेटर इंडियन खिलाड़ी ही होना चाहिए’
भागवत ने गवर्नमेंट को चेताया कि उसे अपने आकाश का नियंत्रण  स्वामित्व नहीं गंवाना चाहिएउन्होंने बोला कि एयर इंडिया के परिचालन का अच्छा से प्रबंधन नहीं किया गया   संघ प्रमुख ने यहां ‘ इंडियन अर्थव्यवस्था  आर्थिक नीतियों ’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोला , ‘‘ एयर इंडिया का स्वामित्व उसी को दिया जाना चाहिए जो इसे दक्ष तरीके से चलाने में सक्षम है नया आपरेटर इंडियन खिलाड़ी ही होना चाहिए ’’

भागवत ने बोला कि संसार में कहीं भी राष्ट्रीय एयरलाइन में 49 फीसदी से अधिक विदेशी निवेश की अनुमति नहीं है उन्होंने विशेष रूप से जर्मनी का जिक्र किया जहां विदेशी हिस्सेदारी की सीमा सिर्फ 29 फीसदी है   उन्होंने बोला कि यदि विदेशी हिस्सेदारी की सीमा 49 फीसदी को पार कर जाती है तो शेयरों को जब्त कर उन्हें घरेलू निवेशकों को बेचा जाना चाहिए , जैसा अन्य राष्ट्रों में किया जाता है

भारत एक है, इंडियन एक हैं: भागवत 
वहीं मोहन भागवत ने मंगलवार को बोला कि ‘इंडिया’ नाम का शब्द सिंधु नदी (इंडस) के नाम से निकला उन्होंने यह भी बोला कि ज्यादा समावेशी शब्द ‘ हिंदुस्तान ’ इस राष्ट्र को संबोधित करने का वैकल्पिक उपाय है बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में एक प्रोग्राम को संबोधित करते हुए भागवत ने बोला , ‘‘ इंडिया सिंधु से आया , क्या इसमें कावेरी है ? हिंदुस्तान में यह नहीं है ? हिंदुस्तान एक है , सभी इंडियन एक हैं ’’

उन्होंने बोला , ‘‘ अंग्रेजी में भी आप इंडियन लिख सकते हैं इसे ‘ इंडियन ’ के रूप में लिखने से भाषा के किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता क्योंकि व्यक्तिवाचक संज्ञा का अनुवाद नहीं होता ’’ व्यक्तिवाचक संज्ञा के बारे में अपनी बात को  स्पष्ट करते हुए भागवत ने बोला कि उन्हें हर स्थान‘‘ मोहन ’’ कहकर बुलाया जाता है उन्होंने बोला , ‘‘ मोहन का अनुवाद संभव नहीं है मैं संसार में जहां कहीं जाता हूं , मोहन कहलाता हूं , हम सब इंडियन हैं ’’

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