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हिंदुस्तान को NSG में शामिल किए जाने का किया समर्थन

जर्मनी ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में हिंदुस्तान को शामिल करने का जोरदार समर्थन किया है. उसने सोमवार को बोला कि सभी चार समूहों में हिंदुस्तान को शामिल किए जाने से वैश्विक निर्यात नियंत्रण समूह को फायदा होगा. हिंदुस्तान में जर्मन दूतावास के उपायुक्त जैस्पर वीक ने बोला कि निर्यात नियंत्रण समूह का सदस्य बनने में जर्मनी ने हिंदुस्तान का मजबूती से समर्थन किया था. इसी तरह एनएसजी में भी हिंदुस्तान की सदस्यता का हम पुरजोर समर्थन करेंगे.
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हम आश्वस्त हैं कि चारों समूहों में हिंदुस्तान की भागदारी से वैश्विक निर्यात नियंत्रण समूह को लाभहोगा. वीक भारत-वेस्सबाडेन सम्मेल, 2018 के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे. इसका आयोजन विदेश मंत्रालय ने जर्मनी  निरस्त्रीकरण मामलों के संयुक्त ऑफिस के योगदान से किया है. इस सम्मेलन में 39 राष्ट्रों के गवर्नमेंट  उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए. वीक ने बोला कि इस सम्मेलन को हम निर्यात नियंत्रण के एरिया में हिंदुस्तान के एक  अंतर्राष्ट्रीय योगदान के रूप में देख रहे हैं.

इसके साथ ही सम्मेलन में संयुक्त देश सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) 1540 समिति  निरस्त्रीकरण मामलों के यूएन ऑफिस के विशेषज्ञ इस दो दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुए. इस सम्मेलन का शीर्षक ‘संयुक्त देश सुरक्षा परिषद संकल्प 1540 के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में सरकार-उद्योग भागीदारी के माध्यम से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना’ था.

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4 में से 3 निर्यात नियंत्रण समूहों का सदस्य है भारत
सामूहिक विनाश के हथियारों (डब्ल्यूएमडी) के प्रसार पर रोक लगाने के लिए चार निर्यात नियंत्रण समूह कार्य करते हैं. हिंदुस्तान इनमें से तीन का सदस्य है. ये तीन समूह मिसाइल तकनीक नियंत्रण समूह (एनटीसीआर), वासेनार व्यवस्था  ऑस्ट्रेलिया समूह हैं. 48 सदस्यों वाली एनएसजी में हिंदुस्तान की सदस्यता का विरोध मुख्य रूप से चाइना द्वारा किया जा रहा है. इस विरोध पर उसकी दलील है कि हिंदुस्तान ने गैर-अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

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