Thursday , September 20 2018
Loading...
Breaking News

हिंदुस्तान में नहीं हो सकती कानूनी कार्रवाई

फेसबुक यूजर्स का व्यक्तिगत डाटा ब्रिटेन की रिसर्च फर्म कैंब्रिज एनालिटिका से साझा करने की जानकारी सामने आने के बाद हिंदुस्तान ने फेसबुक को नोटिस जारी करते हुए कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी. क्या हिंदुस्तान में ऐसे कोई कानून है जो ऐसी इंटरनेट कंपनियों पर नकेल कस सके?
Image result for फेसबुक हिंदुस्तान में नहीं हो सकती कानूनी कार्रवाई

फेसबुक ने 2014 में यूजर्स से इंटरनेट के प्रयोग में जोखिम से जुड़े एक नियम पर सहमति लेकर खुद को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर लिया था. अगर कंपनी यह साबित करने में सफल हो जाती है कि वह एप  यूजर्स के बीच सिर्फ एक माध्यम का कार्य करती है तो उसे कानून के उल्लंघन का दोषी नहीं माना जा सकता. हिंदुस्तान के आईटी कानून की धारा-79 में 2008 में किया गया संशोधन ऐसी कंपनियों को सुरक्षा देता है.

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी कानून की धारा-43ए के तहत हिंदुस्तान में फेसबुक पर कार्रवाई की जा सकती है. दरअसल हम ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उपभोक्ता फेसबुक इंस्टॉल करते समय कंपनी के विरूद्ध अमेरिकी कानून के तहत कार्रवाई की सहमति (‘आई एग्री’ पर क्लिक कर) दे चुका होता है. नतीजतन इंडियन यूजर्स हिंदुस्तान में फेसबुक पर डाटा लीक को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकते. यही नहीं, समझौते के तहत यूजर्स समूह बनाकर कंपनी के विरूद्धकेस नहीं कर सकते.

Loading...

सरकार की बेपरवाही का लाभ उठा रहीं कंपनियां : विराग

loading...

सुप्रीम न्यायालय में अधिवक्ता  आईटी मामलों के विशेषज्ञ विराग गुप्ता ने बताया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने अपनी सहायक कंपनियों के जरिए हिंदुस्तान में 2003 से 600 जिलों के सात लाख गांवों का जाति संबंधी डाटा जुटाया  राजनीतिक दलों ने इसका प्रयोग किया. 2007 में अमेरिका ने हिंदुस्तान की छह अरब से ज्यादा जानकारियों को नौ इंटरनेट कंपनियों के जरिये हासिल किया.राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर संप्रग गवर्नमेंट चुप रही. फिर उन्हीं कंपनियों के लिए राजग गवर्नमेंट ने पलक पांवड़े बिछा दिए. गुप्ता ने बताया कि 2000 के बाद सूचना-प्रौद्योगिकी अधिनियम में महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुए. इंटरनेट कंपनियां गवर्नमेंट की इसी बेपरवाही का लाभउठा रही हैं.

टैक्स चुकाने से भी बच जाती हैं इंटरनेट कंपनियां

विराग गुप्ता ने बोला कि गूगल, फेसबुक की आमदनी का बड़ा भाग आयरलैंड  अमेरिका चला जाता है. हिंदुस्तान में मौजूद इनकी सहायक कंपनियां आमदनी के छोटे हिस्से पर कर देकर पैरेंट कंपनियों को जवाबदेही से मुक्त कर देती हैं. एक अनुमान के अनुसार फेसबुक समेत विदेशी इंटरनेट कंपनियां हिंदुस्तान से 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर रही हैं.

भारतीय यूजर्स के लिए शिकायत ऑफिसर विदेश में

सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस) नियम-2011 की धारा-3 (11) के अनुसार हिंदुस्तान में कारोबार कर रही हर इंटरनेट कंपनी को शिकायत ऑफिसर नियुक्त करना महत्वपूर्णहै. अगस्त 2013 में फेसबुक ने आयरलैंड  गूगल ने कैलिफोर्निया में शिकायत ऑफिसर की नियुक्ति कर दी. ऐसे में उपभोक्ता सिर्फ ई-मेल के जरिये शिकायत कर सकता है.

Loading...
loading...