Wednesday , September 19 2018
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क्यों पाक के अंदर बगावत के सुर हुए बुलंद

पाकिस्तान के पेशावर में करीब एक लाख पश्तूनों ने अपने अधिकार के लिए पाक गवर्नमेंट के विरूद्धएक बार फिर आंदोलन छेड़ दिया है, जिसमें करीब एक लाख पश्तून अपने घरों से निकलकर सड़कों पर निकल आए है, पाक की 20 करोड़ आबादी में पश्तूनों का एक बड़ा भाग देखने को मिलता है, आकड़ों के अनुसार पश्तून लोगों की आबादी करीब 4 करोड़ के आसपास है, जानिए क्यों ये लोग गवर्नमेंट के विरूद्ध बगावत के लिए सड़कों पर उतर आए है

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कौन होते है पश्तून:
पश्तून या पठान दक्षिण एशिया में रहने वाली एक लोकजाति है, जो पाक के साथ-साथ अफगानिस्तान  हिंदुस्तान में भी पाई जाती है, वे मुख्य रूप में अफगानिस्तान में हिन्दु कुश पर्वतों  पाक में सिन्धु नदी के दरमियानी एरिया में रहते हैं पश्तूनों की पहचान में पश्तो भाषा, पश्तूनवाली मर्यादा का पालन करना आदि शामिल है, ये लोग हमेशा से एक-दूसरे के साथ-साथ रहते आए है

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क्यों किया जा रहा है आंदोलन:
पाकिस्तान के इतिहास की बात की जाए तो पुश्तेनी लोगों को हमेशा से हीन भावना से देखा गया है, यहाँ तक की पुश्तेनी इलाकों में तालिबानी गतिविधियों के कारण कई बार पाक की गवर्नमेंट ने इन लोगों को भी शक की नजर से देखा है  इन लोगों को कई बार झूठे आरोपों में कारागार में डाला है, जो कई वर्षों से चला आ रहा है, साथ ही पाक में जब भी कोई फिल्म बनती है तो हमेशा से वहां के फिल्म निर्माता भी इन लोगों की भूमिका, फिल्म में या तो चौकीदार की रखते है या किसी मजदुर की, साथ ही पाक के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी इन लोगों के मजाक उड़ाते जोक्स या कई ऐसी चीजे शेयर की जाती है जैसे हिंदुस्तान में सिक्ख समुदाय के लिए कहीं न कहीं देखने को मिलता है जो गलत है,इन्हीं चीजों के कारण सोशल मीडिया की बदौलत लाखों की तादात में इन समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतर कर अपना विरोध दर्ज किया है पाक की सरकारों ने इन लोगों के द्वारा किये बरसों के सहयोग को भुला दिया, इनके समुदाय के कई लोगों ऐसे रहे है जिन्होंने आजादी के पहले आज़ादी के बाद पाक ही नहीं हिंदुस्तान में भी अहम् किरदार निभाई है

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