Friday , November 16 2018
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उसी में बांध सड़क तक पहुंचाए मृत शरीर

चेली गांव में एक्सीडेंट होते ही आस-पास के गांवों के लोग मदद के लिए खाई में उतर गए. खाली हाथ गए लोगों को नहीं पता था कि मरने वालों की संख्या कितनी है. अधिकांश लोगों ने अपनी शॉल, स्वैटर, कमीज उतारकर उसमें मृत शरीर  घायलों को बांधकर सड़क तक पहुंचाया.
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जो लोग शवों  घायलों को लेकर आए उनके कपड़े बुरी तरह खून से लथपथ हो गए थे. कोपड़ा गांव के लक्की ने बताया कि शाम 4:00 बजे उसे हादसे का पता चला. बाइक पर उसके साथ ताया का लड़का सुभाष था. शाम  5:30 बजे वह खाई में घटनास्थल पर पहुंचा.

यहां से उसने दो शिक्षकों  एक ड्राइवर के मृत शरीर कंधे पर उठाकर खाई से सड़क तक पहुंचाए.इसमें ग्रामीणों ने भी योगदान किया. उसने बताया कि कंधे पर जब उसने ड्राइवर का मृत शरीरउठाया तो पेट का भाग निकल आया था. फिर उसने 108 एंबुलेंस में मृत शरीर नूरपुर अस्पताल भेज दिए. जो भी लोग मृत शरीर ला रहे थे उनका यही हाल था.

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पंजाब के लोगों ने देखी खाई में गिरी बस

मलकवाल-ठेहड़ लिंक रोड पर चेली गांव में करीब 3:15 बजे व्यक्तिगत स्कूल बस को गिरते हुए चक्की पार पंजाब के एरिया के लोगों ने देखा. चेली गांव के सामने पंजाब का एरिया है.

बस में चीखोपुकार सुनते ही पंजाब एरिया के लोगों ने सबसे पहले खुवाड़ा गांव के रहने वाले रमेश पठानिया को फोन किया. रमेश पठानिया ने तुरंत आसपास के ग्रामीणों को फोन कर हादसे की सूचना दी.

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नूरपुर के राकेश ने बताया कि दोपहर करीब 3:15 बजे मार्केट में हादसे की समाचार आग की तरह फैली. मार्केट में आकस्मित एक महिला चीखो-पुकार करने लगी. महिला से पता चला कि चेली गांव में स्कूल बस गिर गई है. इस बस में उसका बच्चा भी है.

महिला बच्चे के लिए मार्केट में सामान लेने आई थी. इसके बाद नूरपुर मार्केट ओर अस्पताल में फोन घनघनाने लगे. लोग घटनास्थल की ओर दौड़ने लगे. आकस्मित एंबुलेंस सायरन बजने लगे. नूरपुर अस्पताल में 3:30 बजे तक हादसे की कोई सूचना नहीं थी.

108 एंबुलेंस के चालक शानू ने बताया कि 3:15 बजे उसे हादसे की सूचना मिली. 3:15 बजे वह घटनास्थल पर पहुंचा. सड़क पर एक लड़के  लड़की के मृत शरीर पड़े थे. उसने उन्हें एंबुलेंस में डालकर नूरपुर अस्पताल पहुंचाया.

इसके बाद वह फिर से घटनास्थल पर गया. यहां से उसने करीब शाम 7 बजे एक  बच्चे को एंबुलेंस में लाया. वह खाई के नीचे नहीं उतरा था. वह शवों  घायलों को सड़क से ही उठा रहा था. उसने बोलाकि खाई के नीचे माहौल चीखोपुकार भरा था.

नूरपुर बस हादसे को लेकर राष्ट्र के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संवेदनाएं प्रकट की हैं. सोमवार को हादसे के बाद देर सायं राष्ट्रपति ने अपने ऑफिशियल ट्वीट हैंडलर पर ट्वीट किया.

इसमें राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में हुई बस एक्सीडेंट के बारे में दुख प्रकट किया.राष्ट्रपति ने मृतक बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की, जबकि शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की.

घटनास्थल पर नजर नहीं आया स्कूल प्रबंधन
चेली में दर्दनाक एक्सीडेंट होने के बाद व्यक्तिगत स्कूल प्रबंधन का कोई ऑफिसर और कर्मचारी मौके पर नहीं आया. यहां तक कि नूरपुर अस्पताल आने की भी आवश्यकता नहीं समझी गई. हादसे में कई परिवारों के चिराग बुझ गए, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक पहल देखने को नहीं मिली.

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