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गैरकानूनी निर्माण व सीलिंग पर सरकारी एजेंसियों को सुप्रीम न्यायालय की फटकार

सुप्रीम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और दिल्ली गवर्नमेंट सहित अन्य सरकारी एजेंसियों को राजधानी में गैरकानूनी निर्माण  सीलिंग के मुद्दे पर पॉलिटिक्स नहीं करने के लिए बोला है.न्यायालय ने सरकारी एजेंसियों से बोला कि गैरकानूनी निर्माण के मुद्दे पर निर्णय लेते समय दिल्लीवासियों के सेहत  फायर सेफ्टी आदि पर जरूर विचार करें.
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केंद्र गवर्नमेंट की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नादकर्णी ने जस्टिस मदन बी लोकुर  जस्टिस नवीन गुप्ता की पीठ को बताया गया कि गत शुक्रवार को सीलिंग  गैरकानूनीनिर्माण को लेकर केंद्र  दिल्ली सरकार, डीडीए, निगम सहित अन्य नागरिक इकाइयों के अधिकारियों की मीटिंग हुई. इसमें इन सभी मुद्दों पर निगरानी रखने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव किया गया.

उन्होंने बोला कि टास्क फोर्स सरकारी जमीन पर कब्जे  अनधिकृत निर्माणों की पहचान करेगा इनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी. साथ ही फुटपाथ पर अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा. इस पर  पीठ ने केंद्र गवर्नमेंट सहित अन्य सरकारी अथॉरिटी को कुछ अन्य मसलों पर विचार करने के लिए कहा.पीठ ने बोला कि भूजल के घटते स्तर का ध्यान रखा जाए. साथ ही फायर सेफ्टी  आपदा प्रबंधन के पहलू पर विचार किया जाए. पीठ ने बोला कि आने वाली पीढ़ियों के सेहत को ध्यान में रखा जाए. मुनाफा ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए. गरीब लोगों के हितों का ख्याल रखा जाए. साथ ही पीठ ने बोलाकि इन मामलों में पॉलिटिक्स नहीं होनी चाहिए. पीठ ने तमाम अथॉरिटी से बोला कि 30 सालों से आप सभी गलतियां करते आ रहे हैं, इसे अब रोक जाए.

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दूसरा मौका नहीं मिलेगा

पीठ ने सरकारी एजेंसियों को अमाइकस क्यूरी वरिष्ठ रंजीत कुमार के सुझावों पर भी गौर करने के लिए कहा. पीठ ने सरकारी एजेंसियों को चेताते हुए बोला कि अगर उनकी मंशा मोहम्मद बिन तुगलक की तरह राजधानी को कहीं  शिफ्ट करने है तो कोई बात नहीं लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो दिल्ली की हालत सुधारने के लिए उन्हें दूसरा मौका नहीं दिया जाएगा. अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी.

इससे पहले 4 अप्रैल को दिल्ली में गैरकानूनी निर्माण  अनधिकृत कॉलोनियों पर बरसते हुए सुप्रीम न्यायालय ने बोला दिल्ली केआम लोग मवेशी नहीं है. सरकारी एजेंसी को यह समझना चाहिए कि दिल्ली की जनता जरूरी है. कुछ लोगों को संरक्षण देने के लिए दिल्ली के आम निवासियों के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. शीर्ष न्यायालय ने बोला था कि गवर्नमेंट अपनी आंखें मूंद सकती है लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते हैं.

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कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स आज सर्वदलीय व्यापार संसद आयोजित करेगा. इसमें प्रमुख दलों के नेता सीलिंग के कारण उत्पन्न स्थिति पर आपसी संवाद करेंगे. इस  व्यापार संसद में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी, कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन, दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल को भी आमंत्रित किया गया है. इसके अतिरिक्त उप CM मनीष सिसोदिया, विधायक सौरभ भरद्वाज, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, बीजेपी विधायक ओम प्रकाश शर्मा औरदिल्ली के तीनों मेयर को भी बुलाया गया है.

कंफेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की प्रमुख व्यापारिक संगठनों के चुने हुए करीब दो सौ व्यापारी सीलिंग से संबंधित एक व्यापारी चार्टर राजनीतिक दलों के नेता को देकर उनका रुख भी जाना जायेगा. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेगा.राजनीतिक दबाव बनाने के लिए व्यापारी आगामी चुनाव पर भी राजनीतिक पार्टियों से चर्चा करेंगे.

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