Wednesday , September 19 2018
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महात्मा गांधी थे नस्लवादी- कनाडा के छात्र

कनाडा की राजधानी ओटावा में महात्मा गांधी के विरोध की समाचार आयी है बता दें कि कनाडा की राजधानी ओटावा की कार्लटन यूनिवर्सिटी में हिंदुस्तान के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का विरोध किया जा रहा है  उसे हटाने की मांग की जा रही है यह मांग अफ्रीकन स्टडीज स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है एसोसिएशन के अध्यक्ष केनेथ अलीउ का कहना है कि महात्मा गांधी काले लोगों के प्रति नस्लवादी थे

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हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अफ्रीकन स्टूडेंट एसोसिएशन की मांग ठुकरा दी है उल्लेखनीय है कि इससे पहले अफ्रीकी राष्ट्र घाना की यूनिवर्सिटी में भी महात्मा गांधी की प्रतिमा का विरोध किया गया था केनेथ अलीउ का कहना है कि गांधी एक नस्लवादी थे, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में रह रहे हिंदुस्तानियों के लिए ब्रिटिश गवर्नमेंट के साथ समझौता कराया था  इसके लिए गांधी जी ने काले लोगों के विरूद्ध नस्लवाद को एक हथियार की तरह प्रयोग किया था

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केनेथ का कहना है कि गांधी जी काले लोगों को काफिर बोला करते थे दक्षिण अफ्रीका में रहने के दौरान गांधी का काले लोगों के प्रति नस्लवाद साफ नजर आता है केनेथ ने बोला कि प्रतिमा हटाकर इतिहास में हुई गलतियों को सुधारा जा सकता है  उस पर पुनर्विचार किया जा सकता है, जो हमें अभी तक बताया गया है खासकर ऐसी संस्था से जिसने कई विचारक बनाए हैं बता दें कि महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा का गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर, 2011 को ओटावा की कार्लटन यूनिवर्सिटी में अनावरण किया गया था यह प्रतिमा ओटावा की महात्मा गांधी पीस काउंसिल द्वारा स्थापित की गई थी

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