Wednesday , November 14 2018
Loading...

अब ‘भगवान’ का घर इनकम टैक्स के दायरे में

व्यापारियों  अधिकारियों के साथ ही अब धार्मिक संस्थाएं, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे सहित ट्रस्ट भी इनकम टैक्स के दायरे में आ गए हैं. व्यापारिक प्रतिष्ठानों की तरह इनमें भी इनकम टैक्स विभाग कभी भी सर्वे कर सकता है  धार्मिक संस्थाओं, ट्रस्ट को इसके लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा. इनकम टैक्स विभाग का नया नियम यह भी आया है कि अब दस हजार से ज्यादा नकद धार्मिक संस्थाएं नहीं ले सकतीं. यानी धार्मिक संस्थाओं, ट्रस्टों पर इनकम टैक्स विभाग की पैनी नजर होगी.
Image result for अब 'भगवान' के घर भी इनकम टैक्स का शिकंजा

कर विशेषज्ञों का कहना है कि इनकम टैक्स के ये नए नियम सभी धर्मों की धार्मिक संस्थाओं पर लागू हैं. इस नियम ने धार्मिक संस्थाओं के होश उड़ा दिए हैं. वे चौकन्नाी हो गई हैं  करएक्सपर्टों से लगातार सलाह-मशविरा कर रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई न हो. इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए चेतन तारवानी ने बताया कि इन नियमों के जरिए इनकम टैक्स विभाग ने ट्रस्टों और धार्मिक संस्थाओं पर शिकंजा कस दिया है.

ये भी ले सकते हैं स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ-अब तक केवल नौकरीपेशा लोगों के लिए मिल रहा 40 हजार का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा दूसरी संस्थानों से जॉब कर पेंशन पाने वाले लोगों को भी मिलेगा. ऐसे करदाताओं के लिए यह बहुत ज्यादा अच्छी बात होगी.

Loading...
Loading...
loading...