X
    Categories: प्रादेशिक

जल्द ही मार्केट में उपलब्ध होंगे ऐसे सेंसर जो नीद में कार चलाने पर कर देंगे सावधान

कार में लगाए जा सकने वाले ऐसे सेंसर जो नींद या झपकी आने पर चालक को तुरंत सावधान कर दें, जल्द ही मार्केट में उपलब्ध होंगे. मोसन सेंसर तकनीक पर कार्य करने वाली इस डिवाइस के लिए खास सॉफ्टवेटर  एप्लीकेशन को छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर एनआइटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकीसंस्थान) की प्रोफेसर डॉ मृदु साहू ने तैयार किया है.

डॉ मृदु पिछले चार वर्ष से इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही हैं. अब अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया में डॉ मृदु द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर पर डिवाइस को  ज्यादा उपयुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इसी साल जुलाई तक यह यंत्रबाजार में होगा.

दरअसल, हिंदुस्तान ही नहीं वरन पूरी संसार में वाहन दुर्घटनाओं की दो प्रमुख वजहें होती हैं, पहला शराब पीकर गाड़ी चलाना  दूसरा वाहन चालक को नींद आ जाना. यह सिस्टम वाहन चालक को ड्राइविंग के दौरान उसकी शारीरिक क्षमता और गाड़ी चला सकने की उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देता है.

Loading...

मसलन, बॉडी में अल्कोहल की मात्रा, मानसिक  शारीरिक स्तर, झपकी या नींद की स्थिति. यदि वाहन चालक को नींद का झोंका आने वाला है, तो यह डिवाइस उसे इस बारे में पहले ही अलर्ट कर देगी ताकि वो सचेत हो जाए  गाड़ी को सुरक्षित खड़ा कर आराम कर ले.

loading...

सेंसर पढ़ता रहता है रेटीना को

इस सेंसर डिवाइस के सॉफ्टवेयर को ‘आर प्रोग्रामिंग’ से तैयार किया गया. यह लर्निंग  विजुअलाइजेशन तकनीक पर आधारित है. इसमें नींद की स्थिति मेंरेटीना पर पड़ने वाले सभी प्रभावों की स्थिति माप कर उसे लोड किया गया है. इस प्रोग्रामिंग में आंखों के कई डेटाबेस डाले गए हैं. इसी आधार पर वाहन चालक की स्थिति को मापा जाता है कि वह कितनी देर वाहन चला सकता है. यदि झपकी आई तो तत्काल वाहन में अलर्ट जारी हो जाता है, आवाज गूंजने लगती है.

सेंसर के अतिरिक्त यह भी

एंटी ग्राफ वॉच  माइंड रीडिंग लेड फोन पर भी यह सॉफ्टवेयर कार्य कर सकता है. हाथ पर बांधी जाने वाली एंटी ग्राफ वाच में इसे अपलोड किया जा सकता है, जो नब्ज की चाल को माप कर नींद आने की पूर्व चेतावनी दे देगा. दूसरी ओर माइंड रीडिंग इक्युपमेंट पहनकर वाहन चलाने से सेंसर सभी तरह की अवस्था में एक्टिव रहेगा. अमेरिकन सांइटिफिक पब्लिशर्स, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया, बैंथम साइंसेस  मेडिकल इमेजिंग एंड हेल्थ इंफामेटिक्स जनरल में डॉ मृदु का यह शोध प्रकाशित हो चुका है.

इस एप्लीकेशन को तैयार करने के लिए चार वर्ष तक शोध किया. मशीन लर्निंग प्रोग्रामिंग की तरह आर प्रोग्रामिंग में यह सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है. नवंबर 2017 से यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया में इससे जुड़े डिवाइस बनाए जा रहे हैं. जुलाई तक कार्य पूरा हो जाने की पूरी आसार है.

 

Loading...
News Room :

Comments are closed.