Thursday , September 20 2018
Loading...
Breaking News

ITR फाइलिंग: 50 लाख तक आय वालों को फॉर्म सहज

इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2018-19 (वित्त साल2017-18) के लिए इनकम कर रिटर्न के फार्म अधिसूचित कर दिए हैं. सालाना 50 लाख रुपये तक सेलरी वाले पर्सनल करदाता एक पेज का आइटीआर-1 ‘सहज’ फार्म भरकर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. खास बात यह है कि करदाताओं को नोटबंदी के दौरान बैंक खातों में जमा की गयी धनराशि का ब्योरा इस बार इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं देना पड़ेगा. इनकम टैक्स विभाग ने यह जानकारी मांगने वाला कॉलम रिटर्न से हटा दिया है. वहीं सालाना पांच लाख रुपये तक आय वाले पर्सनल करदाता औनलाइन की स्थान पेपर रिटर्न भी दाखिल कर सकेंगे.

]Image result for ITR फाइलिंग: 50 लाख तक आय वालों को फॉर्म सहज, जानें किसे ई-फाइलिंग से मिली छूट

Loading...

‘सहज’ में देनी होगी कई सूचनाएंइनकम टैक्स विभाग के मुताबिक जिन पर्सनल करदाताओं की सालाना आय 50 लाख रुपये तक है  जो सेलरी, एक मकान या ब्याज के जरिये आय प्राप्त कर रहे हैं, वे एक पेज का ‘सहज’ फार्म भरकर असेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं. साथ ही करदाताओं को सेलरी से आय के साथ-साथ कर योग्य भत्तों, अलावासुविधाओं का भी ब्योरा देना होगा. उन्हें मकान से आय के बारे में यह बताना होगा कि उन्हें इससे कितना किराया मिला  इस संपत्ति पर लोकल अथॉरिटी को कितना कर चुकाया. साथ ही मकान खरीदने के लिए उधार ली गयी रकम पर चुकाए जाने वाले ब्याज का ब्योरा भी इसमें देना होगा.

loading...

विभाग के मुताबिक पिछले वर्ष तीन करोड़ करदाताओं ने ‘सहज’ फार्म का प्रयोग कर रिटर्न दाखिल किया था. हालांकि इसमें सेलरी और मकान संपत्ति से आय का ब्योरा देना जरूरी होगा.

गैर वेतनभोगियों के लिए अलग फार्म: इनकम टैक्स विभाग ने एक अन्य रिटर्न फार्म आइटीआर-2 भी अधिसूचित किया है जिसे ऐसे पर्सनल करदाता दाखिल कर सकते हैं जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से इतर दूसरे स्नोतों से है. वहीं व्यवसाय करने वाले करदाता और पेशेवर आइटीआर फार्म -3 या आइटीआर फार्म -4 (सुगम) (अनुमानित आय के मामले में) भर सकेंगे.

नोटबंदी में जमा की जानकारी नहीं देनी होगी: इस बार इनकम टैक्स रिटर्न फार्म में कुछ परिवर्तनभी किए गए हैं. मसलन, नोटबंदी के दौरान बैंक में जमा की गयी नकदी का ब्योरा अब करदाताओं को नहीं देना होगा. इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2017-18 के फार्म में यह कॉलम रखा था लेकिन असेसमेंट ईयर 2018-19 के फार्म से इसे हटा दिया गया है. इसी तरह अनिवासी करदाताओं को अपने एक विदेशी बैंक खाते का ब्योरा भी देना होगा ताकि रिफंड की राशि उनके खाते में भेजी जा सके.

ई-फाइलिंग से दो श्रेणियों को छूट

पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी इनकम टैक्स रिटर्न औनलाइन दाखिल होंगे लेकिन इनकम टैक्सविभाग ने दो श्रेणी के करदाताओं को औनलाइन रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता से छूट भी प्रदान की है. मसलन, 80 साल या इससे अधिक आयु के पर्सनल करदाता औनलाइन के अतिरिक्तपेपर रिटर्न भी दाखिल कर सकेंगे. इसी तरह जिन पर्सनल करदाताओं की सालाना आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं है, उन्हें भी पेपर रिटर्न भरने की इजाजत होगी. लेकिन पेपर रिटर्न से वे रिफंड का दावा नहीं कर पाएंगे.

क्या होता है असेसमेंट ईयर

दरअसल कोई आदमी या कंपनी जिस वित्त साल में आय अर्जित करती है, उसका असेसमेंट इनकम टैक्स विभाग अगले वित्त साल में वर्ष करता है, जिसे असेसमेंट ईयर (आकलन वर्ष) कहते हैं.मसलन वित्त साल 2017-18 में आपको जो आय हुई है उसका असेसमेंट 2018-19 में किया जाएगा. असेसमेंट ईयर भी वित्त साल की तरह एक अप्रैल से प्रारम्भ होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है. इस तरह एक अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 के दौरान अर्जित आय के लिए करदाताओं को असेसमेंट ईयर 2018-19 में इनकम टैक्स रिटर्न भरना होगा. इनकम टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम तिथि आम तौर पर 31 जुलाई होती है.

Loading...
loading...