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एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रोका जाए

एयर इंडिया की विभिन्न यूनियनों ने पीएम नरेंद्र मोदी से एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रोकने तथा वैकल्पिक तरीका तलाशने का अनुरोध किया है. पीएम को लिखे लेटर में यूनियनों ने उन्हें लाल किले से देश के नाम दिए पहले संबोधन की याद दिलाई है. इसमें पीएम ने बोला था कि एयर इंडिया परिचालन फायदा की स्थिति में आ गई है, लिहाजा उसका पुनरुद्धार किया जाएगा. परंतु इसके बजाय गवर्नमेंट ने कर्मचारियों को भरोसे में लिए बगैर एयर इंडिया  सहायक इकाइयों के विनिवेश  निजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है.Image result for एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया को रोका जाए: यूनियन

पत्र के अनुसार नीति आयोग की सिफारिश पर 28 मार्च को गवर्नमेंट की ओर से एक्सप्रेशन आफ इंट्रेस्ट ऐसे समय में मांगी गई है जब एयर इंडिया चौतरफा प्रगति कर रही है  ऑपरेटिंग फायदाकमाने लगी है. लगभग हर महीने ज्यादा से ज्यादा घरेलू  अंतर्राष्ट्रीय रूट जोड़े जा रहे हैं तथा उत्पादन  उत्पादकता में भी खासी बढ़ोतरी हो रही है. एयर इंडिया का ऑन टाइम परफारमेंस वैश्विक मानकों के स्तर पर पहुंच गया है. यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. लगभग सभी उड़ानें पूरे लोड के साथ जा रही हैं. विदेशी मुद्रा आय में भी इजाफा हुआ है. कुल मिलाकर एयर इंडिया की छवि में सुधार हुआ है तथा इसकी सेवाओं का स्तर भी अत्यंत संतोषजनक हो गया है.

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पत्र में बोला गया है कि सभी क्षेत्रों में स्टाफ की भारी कमी के बावजूद एयर इंडिया के कर्मचारी, चाहे वे तकनीकी हों अथवा कॉकपिट, केबिन क्रू, ग्राउंड सर्विस  प्रशासन से जुड़े कर्मचारी, प्रबंधन के साथ पूर्ण योगदान कर रहे हैं. एयर इंडिया के लगभग सभी कर्मियों का ध्यान इसके पुनरुद्धार औरकायाकल्प पर है  वे इसे इसकी खोई प्रतिष्ठा वापस दिलाने के लिए कटिबद्ध हैं. वे यह भी भूल गए हैं कि उनका ज़िंदगी स्तर कितना नीचे गिर गया है तथा ऑपरेटिंग लागत के मुकाबले उनका वेतन 17 फीसद से घटकर 12 फीसद पर आ गया है. जो विश्व में सबसे कम है. इन चुनौतीपूर्ण स्थितियों के बावजूद श्रमिकों, सभी यूनियनें प्रबंधन के साथ पूर्ण योगदान कर रहे हैं. इसके बावजूद गवर्नमेंट ने एयर इंडिया और इसकी सहायक इकाइयों के विनिवेश और निजीकरण का देशहित विरोधी फैसलालिया है. हम इसकी निंदा करते हैं तथा साथ ही साथ गवर्नमेंट से इस पर पुनर्विचार कर कोई वैकल्पिक रास्ता खोजने का अनुरोध करते हैं.

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