Thursday , November 15 2018
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वडोदरा की कंपनी ने बैंकों को लगाया 2654 करोड़ का चूना!

 मेहुल चोकसी की तरफ से 13000 करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने के बाद बैंक फ्रॉड का एक  मामला सामने आया है यह मामला वडोदरा की बिजली केबल बनाने वाली कंपनी से जुड़ा बताया जा रहा है इस मामले में CBI ने विभिन्न बैंकों के साथ कथित तौर पर 2654 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के लिये कंपनी  उसके निदेशकों के विरूद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया यह कंपनी बिजली केबल  उपकरणों का कारोबार करती है CBI के एक प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी डायमंड क्षमता इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (DPIL)  उसके निदेशकों के वडोदरा स्थित आधिकारिक आवासीय परिसरों की तलाशी लीImage result for वडोदरा की कंपनी ने बैंकों को लगाया 2654 करोड़ का चूना!

11 बैंकों से लिया था लोन
CBI ने आरोप लगाया कि डीपीआईएल के प्रमोटर एसएन भटनागर  उनके बेटे अमित भटनागर सुमित भटनागर कंपनी के ऑफिसर हैं CBI ने बोला कि इस कर्ज को 2016-17 में एनपीए घोषित कर दिया गया CBI ने कहा, ‘यह आरोप लगाया जाता है कि डीपीआईएल ने अपने प्रबंधन के जरिये फर्जी तरीके से 11 बैंकों (सार्वजनिक  निजी) के समूह से 2008 से ऋण सुविधा हासिल की  29 जून 2016 तक उसपर 2654.40 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था ’

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डिफॉल्टरों की लिस्ट में शामिल हुआ नाम
एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनी  उसके प्रबंधक मियादी ऋण  कर्ज सुविधाएं इस तथ्य के बावजूद हासिल करने में सफल रहे कि बैंकों के कंसोर्टियम द्वारा शुरुआती साख सीमा को मंजूरी दिये जाने के दौरान उनका नाम इंडियन रिजर्व बैंक की डिफॉल्टरों की सूची  ईसीजीसी (एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) की चेतावनी सूची में शामिल था

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साल 2008 में बैंकों के समूह के गठन के समय एक्सिस बैंक मियादी ऋण के लिये अग्रणी बैंक था जबकि बैंक ऑफ इंडिया नकदी ऋण सीमा के लिये अग्रणी बैंक था CBI ने आरोप लगाया कि डीपीआईएल ने बड़ी संख्या में पत्र ऑफ क्रेडिट (LoC) हासिल करने के लिए कैश क्रेडिट लिमिट्स का जमकर प्रयोग किया था

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