Saturday , November 17 2018
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एक दिन में 11 बार स्थगित हुई राज्यसभा

राज्यसभा में बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे के कारण बार-बार कार्यवाही स्थगित किए जाने का रिकॉर्ड बन गया. दिनभर में सदन की मीटिंग कुल 11 बार  दोपहर दो बजे से शाम 5.10 बजे तक तीन घंटे में 10 बार स्थगित करनी पड़ी. गवर्नमेंट  आसंदी ने करप्शन निरोधक (संशोधन) विधेयक को बेहद जरूरी बताते हुए पारित कराने की प्रयास की, लेकिन विफल रहे. विपक्ष ने हर स्थगन के बाद मीटिंग प्रारम्भ होने पर सदन नहीं चलने दी.

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विपक्ष के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा में करप्शन निरोधक कानून पारित नहीं हो सका.प्रातः काल 11 बजे नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण तथा मंत्रियों की ओर से दस्तावेज पेश किए जाने के तुरंत बाद तेलुगु देसम पार्टी के सदस्य ‘सेव आंध्र प्रदेश’ के नारे लगाते हुए वेल में पहंुच गए.इस पर संसदीय काम मंत्री अनंत कुमार ने उनसे वापस अपनी सीटों पर जाने का अनुरोध किया.

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वेंकैया बोले, लोकतंत्र की हत्या

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सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों से चर्चा में भाग लेने की अपील की. उन्होंने बोला कि मैंने हर विषय पर चर्चा की अनुमति दी है. लेकिन कोई बिल पास नहीं हुआ है. राष्ट्र विकास चाहता है. आप लोग जनता के धैर्य की इम्तिहान ले रहे हैं. सदन की हालत देखकर पूरा राष्ट्र गुस्से में है. उन्होंने विपक्ष के विरोध को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी.

सरकार पर बरसे आजाद

दो बजे नेता प्रतिपक्ष अधीन नबी आजाद ने बोला हम बिल पास करना चाहते हैं. पूरा विपक्ष यही चाहता है. लेकिन, हमें लाखों लोगों को प्रभावित करने वाले मसले उठाने का भी अधिकार है. परंतु सत्तारूढ़ दल की रुचि न तो बिल पारित होने देने में है  न चर्चा में. आंध्र को विशेष राज्य के दर्जे पर आजाद ने बोला कि सत्तारूढ़ दल के अतिरिक्त पिछली गवर्नमेंट ने भी इसका वादा किया था. उसे निभाया जाना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष ने बैंकिंग घोटाले तथा सीबीएसई पेपर लीक के मुद्दे भी उठाए.

दलित विरोधी होने का आरोप

आजाद कुछ देर ही बोल पाए थे कि तेलुगु देसम सदस्यों ने पुन: नारेबाजी प्रारम्भ कर दी. कांग्रेस पार्टी और बीएसपी सदस्यों ने भी ‘दलित विरोधी ये गवर्नमेंट नहीं चलेगी’ के नारे लगाकर उनका साथ दिया. इस पर उप सभापति पीजे कुरियन ने सदन को सवा तीन बजे तक स्थगित कर दिया.इसके बाद कार्यवाही कई बार रुकी  चली. कुरियन ने बोला कि करप्शन निरोधक बिल पास नहीं हुआ तो गवर्नमेंट के कई प्रोग्राम रुक जाएंगे. यह बिल राष्ट्र के हित में है. इसलिए इसे पारित होने दें.इस बीच मंत्री डा जितेंद्र सिंह ने बिल पेश कर दिया. कुरियन ने वोट की अपील की. लेकिन विफल रहे.

इस तरह स्थगित हुआ सदन

-पहली बार 11:20 पर 2:00 तक

-दूसरी बार 2:45 बजे तक

-तीसरी बार 3:15 बजे तक

-चौथी बार 3:30 बजे तक

-पांचवीं बार 3:45 बजे तक

-छठी बार 3:55 बजे तक

-सातवीं बार 4:21 बजे तक

-आठवीं बार 4:45 बजे तक

-नौवीं बार 4:55 बजे तक

-10वीं बार 5:10 बजे तक

-11वीं बार पूरे दिन के लिए

लोकसभा भी बाधित रही

लोकसभा में लगातार 20वें दिन भी हंगामे के कारण कामकाज नहीं हो सका. अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कावेरी बोर्ड तत्काल बनाने की मांग करते हुए हंगामा मचाया. कांग्रेस, राकांपा, वाम, टीडीपी, राजद ने उनके अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर स्पीकर सुमित्रा महाजन से पूछा कि उसका क्या हुआ? स्पीकर ने बोला कि जब तक सदन में व्यवस्था कायम नहीं होगी, वह इन नोटिसों पर विचार की प्रक्रिया प्रारम्भ नहीं कर सकतीं.

23 दिन का वेतन नहीं लेंगे राजग सांसद

विपक्ष पर सदन चलाने के लिए दबाव बनाने के लिहाज से राजग सांसदों ने जिस दिन संसद नहीं चली है, उस दिन का वेतन नहीं लेने का निर्णय किया है. केंद्रीय संसदीय काम मंत्री अनंत कुमार ने बोला कि कांग्रेस पार्टी  अन्य पार्टियों के हंगामे के चलते संसद नहीं चल रही है. इसे देखते हुए राजग सांसद 23 दिनों का वेतन नहीं लेंगे. कुमार ने कांग्रेस पार्टी पर लोकतंत्र विरोधी पॉलिटिक्स करने का आरोप लगाते हुए बोला कि यह करदाताओं के पैसों की बर्बादी है.

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