Wednesday , September 19 2018
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हर कार्य की न्यायिक समीक्षा न हो

नई दिल्ली, : आधार स्कीम को लेकर केंद्र ने सुप्रीम न्यायालय से बोला है कि अगर गवर्नमेंट के हर कार्य की न्यायिक समीक्षा होगी तो विकास की गति मंद पड़ जाएगी. अदालतों को तकनीकी विशेषज्ञता के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए.

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सरकार ने बुधवार को आधार की वैलिडिटी पर विचार कर रही मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पांच जजों की संविधान पीठ से बोला है कि आधार स्कीम को विशेषज्ञों ने मंजूरी दी है.यह नीतिगत निर्णय है इसलिए इसकी न्यायिक समीक्षा नहीं होनी चाहिए. 2016 का यह कानून डिजिटल युग में मनी लांड्रिंग रोकने, सब्सिडी  फायदा देने का सर्वश्रेष्ठ उपाय है.

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केंद्र की ओर से पेश अटर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने संविधान पीठ में शामिल जस्टिस एके सिकरी, एएम खानविल्कर, डीवाई चंद्रचूड़  अशोक भूषण से बोला कि न्यायालय का दायित्व बस इतना ही है कि वह कानून की न्यायिक व्याख्या करे. न्यायालय यह नहीं तय कर सकती कि कौन सी एक योजना उचित है या अनुचित है.

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वेणुगोपाल ने दिन भर की बहस के बाद विश्व बैंक समेत विभिन्न रिपोर्टो का हवाला देते हुए बोला कि इन सबने हिंदुस्तान के इस कदम की सराहना की है कि गरीब से गरीब आदमी को भी उसकी एक पहचान मिलेगी. इससे इन सभी का वित्तीय योजनाओं में समावेश करने में मदद मिलेगी.

इस पर संविधान पीठ ने वेणुगोपाल से बोला कि लोग यह कह कर इस योजना का विरोध कर रहे हैं कि इससे समानता के विचार का उल्लंघन होता है. जवाब में वेणुगोपाल ने बोला कि आधार योजना समानुपाती इम्तिहान में भी संतोषजनक है. चूंकि यह योजना के मायने  लक्ष्य के बीच तार्किक रूप से तालमेल रखती है. आधार के जरिए सभी सब्सिडी जीने के अधिकार के तहत सम्मान के साथ मिलती है. इससे निजता के अधिकार में भी कोई दखल नहीं होगा. 16 अंकों के डिजिटल आधार आइडी के मुद्दे पर वेणुगोपाल ने बोला कि इसमें सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा मानक अपनाए गए हैं.

संविधान पीठ ने बोला कि जैविक गुणों की पहचान को  बढ़ाया जाना चाहिए. भविष्य में आधार योजना के तहत अन्य बायोमीट्रिक फीचर डाले जाने चाहिए. इस पर वेणुगोपाल ने बोला कि रक्त, मूत्र, डीएनए को भी आधार से जोड़ा जा सकता है. लेकिन इस संबंध में न्यायालय को विचार करना होगा. जैसे कि अभी न्यायालय फिंगरप्रिंट  आंखों की पुतली (आइरिस) का स्कैन करता है. लेकिन जिसे न्यायालय निजता का उल्लंघन मानकर उसकी समीक्षा कर रही है. वेणुगोपाल ने बोला कि आधार से कल्याणकारी योजनाओं में लाभार्थियों का भाग लीक होने से रोकने में मदद मिलती है. इसे बैंक खातों से जोड़कर ब्लैक मनी  मनी लांड्रिंग जैसी समस्याओं से भी निपटने में खासी सफलता मिली है. आधार के मुद्दे पर गुरुवार को भी बहस जारी रहेगी.

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